न्यू चंडीगढ़ में जारी टेस्ट मुकाबले का तीसरा दिन क्रिकेट प्रेमियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। पहले दो दिनों के खेल के बाद मेजबान टीम ने मैच पर मजबूत पकड़ बना ली है और अब उसकी नजर मुकाबले को एकतरफा बनाने पर है। दूसरी ओर विपक्षी टीम दबाव में दिखाई दे रही है और उसे मैच में बने रहने के लिए बड़ी साझेदारियों की जरूरत है।
दूसरी पारी की शुरुआत से ही गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया और विपक्षी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से बल्लेबाजी क्रम लड़खड़ा गया। शुरुआती झटकों के बाद टीम संभलने की कोशिश कर रही है, लेकिन स्कोरबोर्ड पर बढ़ता दबाव उसके लिए चुनौती बना हुआ है।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शुरुआती सत्र में और विकेट गिरते हैं तो विपक्षी टीम के सामने फॉलो-ऑन का खतरा और गहरा सकता है। ऐसे में मध्यक्रम के बल्लेबाजों की भूमिका बेहद अहम होगी। उन्हें न केवल विकेट बचाने होंगे बल्कि टीम को सम्मानजनक स्कोर तक भी पहुंचाना होगा।
मेजबान टीम के गेंदबाजों ने अनुशासित लाइन और लेंथ के साथ शानदार गेंदबाजी की है। तेज गेंदबाजों और स्पिनरों के संयुक्त प्रयास ने बल्लेबाजों को लगातार परेशानी में रखा है। यही कारण है कि विपक्षी टीम रन बनाने के लिए संघर्ष करती नजर आई।
मैच की मौजूदा स्थिति को देखते हुए तीसरे दिन का पहला सत्र निर्णायक साबित हो सकता है। यदि गेंदबाज अपनी लय बरकरार रखते हैं तो मेजबान टीम को बड़ा फायदा मिल सकता है। वहीं विपक्षी टीम वापसी के लिए संघर्ष करेगी और मैच को चौथे दिन तक ले जाने का प्रयास करेगी।
क्रिकेट प्रशंसकों की नजर अब तीसरे दिन के खेल पर टिकी है, जहां हर विकेट और हर रन मुकाबले की दिशा तय कर सकता है।
![]()











