छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के बाद हरियाणवी कलाकारों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। कई कलाकारों ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों के माध्यम से अपनी बात रखी है। इसी क्रम में हरियाणवी गायक पारता और अंशू के बयान चर्चा का विषय बने हुए हैं।
पारता ने कहा कि छात्रों के साथ हुई घटना से वे आहत हैं। उन्होंने दावा किया कि जब तक हालात सामान्य नहीं होते, वे किसी भी राजनीतिक दल के कार्यक्रम या शो में हिस्सा नहीं लेंगे। उनका कहना है कि युवाओं की आवाज सुनी जानी चाहिए और संवाद के माध्यम से समाधान निकाला जाना चाहिए। यह उनका व्यक्तिगत बयान है।
वहीं कलाकार अंशू ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि बाहर से आए कुछ लोगों ने आंदोलन की दिशा बदल दी और “कॉकरोच” जैसे शब्दों के इस्तेमाल को लेकर भी टिप्पणी की। यह अंशू का दावा है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
दोनों कलाकारों के बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। समर्थक और विरोधी अपने-अपने दृष्टिकोण से प्रतिक्रिया दे रहे हैं। इस बीच छात्र आंदोलन और उससे जुड़े राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर बहस भी तेज हो गई है।
फिलहाल इस मुद्दे पर अलग-अलग पक्षों की अपनी राय है। संबंधित बयानों की सत्यता और संदर्भ को लेकर कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। कलाकारों ने अपने विचार सार्वजनिक रूप से साझा किए हैं, जबकि प्रशासन और संबंधित पक्ष अपने-अपने स्तर पर स्थिति को लेकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
![]()











