कुरुक्षेत्र: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) कुरुक्षेत्र में पहली बार केंद्रीय मंत्रालय की एक टीम का दौरा चर्चा का विषय बन गया है। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य संस्थान की जमीनी स्थिति का आकलन करना और छात्रों से सीधे संवाद के माध्यम से वास्तविक फीडबैक प्राप्त करना बताया गया।
सूत्रों के अनुसार, टीम ने करीब पांच घंटे से अधिक समय तक परिसर में रहकर छात्रों के साथ विस्तार से बातचीत की। इस दौरान शैक्षणिक व्यवस्था, हॉस्टल सुविधाएं, बुनियादी ढांचा, शोध कार्य और प्लेसमेंट से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। छात्रों ने भी खुलकर अपनी समस्याएं और सुझाव टीम के सामने रखे।
बताया जा रहा है कि टीम ने केवल औपचारिक निरीक्षण तक सीमित रहने के बजाय ग्राउंड लेवल पर स्थिति को समझने पर विशेष जोर दिया। कई छात्र संगठनों और प्रतिनिधियों से अलग-अलग बैठकें कर उनकी राय ली गई, ताकि संस्थान के विकास के लिए ठोस कदम उठाए जा सकें।
इस दौरे को संस्थान के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पहली बार इस स्तर पर सीधे छात्रों से संवाद स्थापित किया गया है। इससे उम्मीद जताई जा रही है कि छात्रों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर जल्द ही सकारात्मक कार्रवाई देखने को मिल सकती है।
संस्थान प्रशासन ने भी इस पहल का स्वागत किया और इसे एक रचनात्मक कदम बताया। उनका कहना है कि इस तरह के संवाद से शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने में मदद मिलती है।
कुल मिलाकर, यह दौरा न केवल छात्रों के लिए अपनी बात रखने का एक प्रभावी मंच साबित हुआ, बल्कि संस्थान के विकास की दिशा में भी एक अहम कदम माना जा रहा है।
![]()











