डिजिटल रिश्ते का धोखा, नए साल के नाम पर आर्थिक नुकसान
हरियाणा के हिसार में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला को बहन का रिश्ता बनाकर शातिर ठगों ने बड़ी रकम से हाथ धोने पर मजबूर कर दिया। यह मामला दिखाता है कि किस तरह ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भावनात्मक संबंध बनाकर अपराधी लोगों के भरोसे का गलत फायदा उठा रहे हैं।
पीड़िता के अनुसार कुछ समय पहले उसकी पहचान सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप कॉल के जरिए एक व्यक्ति से हुई थी। बातचीत के दौरान आरोपी ने खुद को बिहार का रहने वाला बताया और धीरे-धीरे भाई-बहन जैसा रिश्ता बना लिया। नियमित बातचीत और अपनापन दिखाकर उसने महिला का भरोसा जीत लिया। इसी दौरान नए साल के मौके पर आरोपी ने उपहार भेजने की बात कही और कहा कि इसके लिए कुछ औपचारिक शुल्क और टैक्स देना होगा।
इसके बाद अलग-अलग कारण बताकर महिला से कई बार पैसे ट्रांसफर कराए गए। कभी कस्टम चार्ज, कभी डिलीवरी फीस तो कभी अन्य तकनीकी बहाने बनाकर उससे रकम मंगवाई जाती रही। महिला को भरोसा था कि सामने वाला उसे बहन मानता है, इसलिए उसने बिना ज्यादा संदेह किए पैसे भेज दिए। कुछ समय बाद जब उपहार नहीं पहुंचा और संपर्क में टालमटोल शुरू हुई, तब उसे ठगी का एहसास हुआ।
महिला ने जब दोबारा संपर्क करने की कोशिश की तो आरोपी के नंबर बंद मिलने लगे। इसके बाद पीड़िता ने साइबर पुलिस से संपर्क कर पूरी घटना की जानकारी दी। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और बैंक ट्रांजेक्शन, कॉल डिटेल्स व डिजिटल पहचान से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की ठगी में अपराधी भावनात्मक रिश्तों का सहारा लेकर लोगों को फंसाते हैं। खासतौर पर त्योहारों और खास मौकों पर ऐसे मामलों में तेजी देखी जाती है। लोगों को सलाह दी गई है कि ऑनलाइन बने किसी भी रिश्ते में निजी जानकारी या पैसे साझा करने से पहले सतर्क रहें।
यह घटना एक कड़ा संदेश है कि डिजिटल दुनिया में भरोसा करने से पहले सावधानी बेहद जरूरी है, क्योंकि एक गलत कदम बड़ी आर्थिक क्षति का कारण बन सकता है।
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