पंचकूला में नाबालिग बच्ची से छेड़छाड़ के मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी दुकानदार को पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। फैसला आने के बाद मामले को लेकर इलाके में चर्चा तेज हो गई है और लोगों ने अदालत के निर्णय को महत्वपूर्ण बताया है।
जानकारी के अनुसार यह मामला उस समय सामने आया था जब एक बच्ची के साथ कथित तौर पर गलत हरकत की शिकायत पुलिस तक पहुंची। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी दुकानदार के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर साक्ष्य जुटाए। बाद में केस अदालत में पहुंचा, जहां गवाहों, सबूतों और अन्य दस्तावेजों के आधार पर सुनवाई की गई।
अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को दोषी करार दिया। बताया जा रहा है कि दोषी की उम्र करीब 60 वर्ष है। सजा सुनाए जाने के बाद उसे जेल भेज दिया गया। अदालत ने अपने फैसले में बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए ऐसे अपराधों पर कड़ा संदेश देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामलों में त्वरित न्याय और सख्त सजा समाज में जागरूकता और भय दोनों पैदा करती है। वहीं सामाजिक संगठनों ने भी फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि बच्चों के खिलाफ अपराधों में कठोर कार्रवाई बेहद जरूरी है।
इस मामले ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा और समाज में सतर्कता की जरूरत को सामने ला दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अभिभावकों को बच्चों को जागरूक करना चाहिए ताकि वे किसी भी गलत व्यवहार की जानकारी तुरंत परिवार या पुलिस को दे सकें। फिलहाल अदालत के फैसले को बाल सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
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