पानीपत जिले में सामने आए दोहरे हत्याकांड ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। प्रारंभिक जांच के अनुसार आरोपी ने पहले अपने चाचा की हत्या की और बाद में सबूत मिटाने के लिए शव को ठिकाने लगाने में मदद मांगने के उद्देश्य से अपने एक करीबी दोस्त को बुलाया। जब दोस्त ने इस काम में सहयोग करने से मना कर दिया तो आरोपी ने उसे भी गोली मार दी। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई और लोगों में भय का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार आरोपी अपने दोस्त के पास पहुंचा और उसे बताया कि एक शव को ठिकाने लगाने में उसकी मदद चाहिए। दोस्त को जब पूरे मामले की जानकारी मिली तो उसने इसमें शामिल होने से साफ इनकार कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि इसी बात से आरोपी नाराज हो गया और उसने दोस्त पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
इसके बाद आरोपी दोनों शवों को नहर में फेंककर सबूत मिटाने की योजना बना रहा था। हालांकि रास्ते में लोगों की आवाजाही और भीड़भाड़ देखकर वह अपनी योजना पूरी नहीं कर सका। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने शवों को सड़क किनारे छोड़कर वहां से फरार होने का प्रयास किया। जब स्थानीय लोगों ने शव देखे तो तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची तथा घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। अधिकारियों ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को भी कब्जे में लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच की जा रही है और आरोपी की गतिविधियों की पूरी श्रृंखला खंगाली जा रही है।
यह घटना न केवल आपराधिक मानसिकता की भयावह तस्वीर पेश करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि अपराध छिपाने के प्रयास किस तरह और अधिक गंभीर वारदातों को जन्म दे सकते हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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