इसराना मंडी में धान खरीद के छह दिन बाद ₹150 प्रति क्विंटल कटौती का आरोप, किसानों ने जताया विरोध

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Panipat News

पानीपत। इसराना अनाज मंडी में धान बेचने के छह दिन बाद अधिक नमी बताकर भुगतान में 150 रुपए प्रति क्विंटल की कटौती किए जाने की बात पर विवाद हो गया। निंबरी गांव के किसान सतबीर ने आरोप लगाया कि खरीद के समय उनकी फसल जांच के बाद स्वीकार की गई थी, लेकिन अब मिलर की ओर से नमी अधिक बताई जा रही है।

सतबीर के अनुसार, उन्होंने 2,441 रुपए प्रति क्विंटल के सरकारी खरीद भाव पर धान बेचा था और खरीद का जे-फार्म भी जारी हो चुका है। उनका कहना है कि भुगतान के इंतजार के बीच उन्हें प्रति क्विंटल 150 रुपए काटने की जानकारी दी गई। हालांकि, कटौती वास्तव में की गई है या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

किसान ने बताया कि मंडी में सूखा धान दिया गया था। अब मिलर की ओर से नमी 23 प्रतिशत बताई जा रही है, जबकि शनिवार को दोबारा जांच कराने पर यह करीब 15 प्रतिशत मिली। उन्होंने सवाल उठाया कि खरीद के समय फसल स्वीकार होने के बाद नमी के अंतर की जिम्मेदारी किसान पर क्यों डाली जा रही है।

विवाद के दौरान किसान नेताओं शमशेर सिंह और दिलबाग बिंझौल ने किसान को पूरा भुगतान देने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि रखरखाव, जांच या परिवहन में किसी संबंधित पक्ष की गड़बड़ी है तो उसका नुकसान किसान से नहीं वसूला जाना चाहिए।

धान लेकर गए वाहन के चालक के अनुसार, संबंधित राइस मिल में गाड़ी खाली नहीं करवाई गई है। इस कारण वाहन साइड में खड़ा किया गया है। किसान नेताओं ने कहा कि खरीद के बाद भुगतान के समय कटौती की शिकायतों की जांच कर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

किसान नेताओं के मुताबिक, मामले की शिकायत मार्केट कमेटी सचिव को दी गई थी, जिसके बाद संबंधित मिल को नोटिस जारी किया गया है। फिलहाल विवाद का समाधान और भुगतान की स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। उपलब्ध जानकारी में मिलर या खरीद एजेंसी का विस्तृत पक्ष सामने नहीं आया है।

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