पानीपत शहर और आसपास के क्षेत्रों में बिजली के खुले तार और उपकरण लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। गुरुवार को बिंझौल गांव के मोड़ पर एक बार फिर करंट लगने का मामला सामने आया। यहां बारिश का पानी भरा होने के कारण बिजली के पोल में करंट उतर आया, जिसकी चपेट में तीन लोग आ गए। हादसा गुरुवार शाम करीब सात बजे जलेबी की रेहड़ी के पास हुआ।
जानकारी के अनुसार, बिजली के पोल में करंट आने से आसपास मौजूद तीन लोग इसकी चपेट में आ गए। इनमें से दो लोगों को करंट का झटका लगा, लेकिन वे किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहे। वहीं, एक व्यक्ति करंट की चपेट में आने के बाद बिजली के पोल से चिपक गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग सहम गए।
गांव के संदीप ने तुरंत डायल-112 और बिजली निगम को घटना की सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और करंट से झुलसे व्यक्ति को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया गया।
गौरतलब है कि इसी दिन पानीपत के गांव डाहर में भी बिजली हादसे में एक 12 वर्षीय बच्चे की जान चली गई थी। गुरुवार दोपहर को गांव में 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर नीचे गिर गया था, जिसकी चपेट में आने से बच्चे की मौत हो गई थी।
एक ही दिन में बिजली से जुड़े दो हादसों ने क्षेत्र में बिजली व्यवस्था की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। खुले तारों, खराब बिजली उपकरणों और जलभराव वाले स्थानों पर करंट उतरने की घटनाएं लोगों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही हैं।
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