हरियाणा में पैरेलल लाइसेंस व्यवस्था के विरोध में दो दिन की हड़ताल के बाद बिजली कर्मचारी यूनियनों ने संगठन के खिलाफ काम करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। यूनियनों ने एक जूनियर इंजीनियर (JE) और एक लोअर डिवीजन क्लर्क (LDC) को संगठन से निष्कासित कर दिया है। वहीं, हड़ताल के दौरान संगठन के रुख के विपरीत काम करने वाले अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों की सूची भी तैयार की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, बिजली कर्मचारी यूनियनों ने पैरेलल लाइसेंस व्यवस्था के विरोध में दो दिनों तक हड़ताल की थी। इस दौरान कर्मचारियों की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के साथ वार्ता हुई। यूनियनों का दावा है कि बातचीत में उनकी मांगों पर सहमति बनी, जिसके बाद हड़ताल समाप्त करने का रास्ता साफ हुआ।
हड़ताल के बाद अब यूनियन नेतृत्व ने संगठन के निर्देशों के विपरीत काम करने वाले सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई का रुख अपनाया है। इसी क्रम में एक JE और एक LDC को निष्कासित किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा, उन अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची तैयार की जा रही है, जिन्होंने हड़ताल के दौरान काम किया था या संगठन के निर्णय का पालन नहीं किया।
हड़ताल के दौरान काम करने वालों पर नजर
यूनियनों की इस कार्रवाई से बिजली विभाग के कर्मचारियों के बीच संगठनात्मक अनुशासन और हड़ताल के दौरान कर्मचारियों की भूमिका का मुद्दा चर्चा में आ गया है। यूनियन नेतृत्व की ओर से आगे भी कार्रवाई किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि, निष्कासित किए गए JE और LDC के नाम, संबंधित कार्यालय और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ प्रस्तावित कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा उपलब्ध नहीं है। यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि सूची में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ किस स्तर पर और किस प्रक्रिया के तहत कदम उठाए जाएंगे।
फिलहाल, बिजली कर्मचारी यूनियनों की ओर से कार्रवाई शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस घटनाक्रम का आगे क्या असर होगा, यह यूनियनों के अगले फैसलों और संबंधित विभागीय प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
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