हरियाणा में डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राज्य में डेंगू के कुल मामले बढ़कर 774 तक पहुंच गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, एक महीने के दौरान मरीजों की संख्या दोगुने से भी अधिक हो गई है। वहीं, मच्छरों की रोकथाम और साफ-सफाई से जुड़ी लापरवाही के मामलों में 53 हजार से अधिक नोटिस जारी किए गए हैं।
डेंगू के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। आमतौर पर मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनने पर संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। घरों, छतों, कूलरों, गमलों और अन्य स्थानों पर जमा साफ पानी में डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छर पनप सकते हैं। ऐसे में पानी जमा नहीं होने देना और आसपास सफाई बनाए रखना जरूरी है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू की रोकथाम के लिए लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, नियमों का पालन नहीं करने और मच्छरों के प्रजनन की स्थिति मिलने पर 53 हजार से अधिक नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
डेंगू के संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय निकायों की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है। घरों और आसपास के क्षेत्रों में पानी जमा होने से रोकना, पानी की टंकियों को ढककर रखना और कूलरों की नियमित सफाई करना मच्छरों के प्रजनन को कम करने में मदद कर सकता है।
डेंगू के सामान्य लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर और जोड़ों में दर्द तथा मतली शामिल हो सकते हैं। गंभीर लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए। विशेष रूप से पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी, रक्तस्राव या अत्यधिक कमजोरी होने पर तत्काल अस्पताल जाना जरूरी है।
फिलहाल, हरियाणा में डेंगू के मामलों की संख्या 774 बताई गई है। जिलेवार आंकड़ों और पिछले महीने की सटीक संख्या की जानकारी उपलब्ध होने पर राज्य में संक्रमण की स्थिति का अधिक स्पष्ट आकलन किया जा सकेगा।
![]()











