जींद। पोखरी खेड़ी गांव की 31 वर्षीय संतोष उर्फ संतो की हिसार के अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। ससुराल पक्ष का कहना है कि उसने फंदा लगाया था। संतोष के भाई ने पति और ससुराल वालों पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए मौत की जांच की मांग की है। पुलिस ने पति, ससुर और देवर के खिलाफ केस दर्ज किया है।
भिवानी के कितलाना गांव निवासी आनंद के अनुसार, उसकी बहन संतोष की शादी 2016 में पोखरी खेड़ी के शिवदत्त से हुई थी। दोनों की कोई संतान नहीं थी। शिवदत्त मेवात में लेबर इंस्पेक्टर के पद पर तैनात है।
आनंद ने पुलिस को बताया कि 22 सितंबर की शाम करीब सात बजे संतोष ने फोन कर उसे ससुराल से ले जाने को कहा था। उसका कहना था कि वह वहां परेशान है। करीब दस मिनट बाद दोबारा फोन करने पर वह रोने लगी। इसके बाद आनंद अपनी मां और अन्य परिजनों के साथ उसके घर के लिए निकल पड़ा।
भाई के मुताबिक, परिवार जब पोखरी खेड़ी पहुंचा तो संतोष को अस्पताल ले जाया जा चुका था। घर में खून के निशान वाली चुन्नी मिलने का दावा करते हुए उसने आशंका जताई कि संतोष के साथ मारपीट हुई होगी। आनंद का आरोप है कि संतान न होने पर ससुराल में उसकी बहन को अपमानित किया जाता था। उसने दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या की आशंका भी जताई है। ये आरोप जांच का विषय हैं।
संतोष को बाद में हिसार के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 24 सितंबर को उसकी मौत हो गई। जांच अधिकारी एसआई वीरेंद्र सिंह के अनुसार, आनंद की शिकायत पर पति शिवदत्त, ससुर बलबीर और देवर मंजीत के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मौत की परिस्थितियों की जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव मायके पक्ष को सौंप दिया गया।
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