भिवानी के गांव धनाना की मुक्केबाज प्रिया घनघस ने जापान में चल रहे एशियाई खेलों में कांस्य पदक हासिल किया है। महिलाओं के 60 किलोग्राम भारवर्ग के सेमीफाइनल में उनका मुकाबला चीन की यांग चंग्यू से हुआ। प्रिया को इस मुकाबले में 4-1 से हार मिली, जिससे उनका अभियान कांस्य पदक के साथ समाप्त हुआ।
प्रिया ने प्रतियोगिता के शुरुआती दोनों मुकाबले 5-0 से जीतकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। अंतिम चार में पहुंचने के साथ ही उनका पदक सुनिश्चित हो गया था। सेमीफाइनल में जीत मिलने पर वह स्वर्ण पदक के लिए फाइनल खेलतीं, लेकिन चीन की मुक्केबाज के खिलाफ आगे नहीं बढ़ सकीं।
धनाना स्थित घर पर परिवार और परिचितों ने एक साथ प्रिया का मुकाबला देखा। पिता महेंद्र सिंह ने कहा कि बेटी के स्वर्ण पदक से चूकने का दुख है, लेकिन देश के लिए कांस्य जीतने पर गर्व भी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रिया आगामी प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करेंगी और देश के लिए पदक लाएंगी।
महेंद्र सिंह के अनुसार, घर लौटने पर बेटी का जोरदार स्वागत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रिया ने अच्छा मुकाबला खेला और अब आगे ओलंपिक की तैयारी पर ध्यान देंगी।
प्रिया की मां ने बताया कि परिवार को स्वर्ण पदक की उम्मीद थी, लेकिन कांस्य पदक से भी वे खुश हैं। बेटी को देसी खाना पसंद है। उसके लौटने पर खीर और चूरमा बनाकर स्वागत किया जाएगा।
प्रिया ने वर्ष 2016 में बॉक्सिंग शुरू की थी। शुरुआती दिनों में वह दादरी में अभ्यास करती थीं। वर्ष 2022 से उन्होंने भिवानी में प्रशिक्षण लेना शुरू किया। पहले उनकी रुचि कुश्ती में थी, लेकिन एकेडमी की उपलब्धता नहीं होने के कारण उन्होंने मुक्केबाजी चुनी।
खेल के साथ पढ़ाई जारी रखते हुए प्रिया ने कोरोना काल में दसवीं पूरी की और बारहवीं में 83 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। अगस्त 2026 में ग्लास्गो में हुए राष्ट्रमंडल खेलों की महिला 60 किलोग्राम स्पर्धा में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता था। उस फाइनल में प्रिया ने कनाडा की मैरी-बाथोल अल-अहमादीह को 4-1 से हराया था।
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