हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड की जांच में अब हरियाणा के गैंगस्टर राकेश कादियान उर्फ पंपू का नाम प्रमुखता से सामने आया है। पंपू फिलहाल करनाल जेल में बंद है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि अंकित की हत्या की साजिश में उसकी भूमिका रही और जेल में रहते हुए भी उसका आपराधिक नेटवर्क सक्रिय था। पुलिस अब उससे पूछताछ की तैयारी कर रही है।
पुलिस जांच के मुताबिक राकेश उर्फ पंपू करीब 16 साल से अपराध की दुनिया में सक्रिय बताया जाता है और उसके नाम से पंपू गैंग भी जाना जाता है। उसका नाम पहले भी गंभीर आपराधिक मामलों में सामने आ चुका है। डबल मर्डर जैसे मामलों से चर्चा में आने के बाद पुलिस की नजर उसके नेटवर्क पर बनी रही।
अंकित बालियान हत्याकांड में पुलिस जांच की कड़ियां हरियाणा की करनाल जेल तक पहुंची हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार पंपू के साथ तिहाड़ जेल में बंद रोहित उर्फ रोहित मोई और गोगी गैंग से जुड़े अन्य लोगों की संभावित भूमिका भी जांच के दायरे में है।
पुलिस का दावा है कि अंकित की हत्या की योजना तैयार करने में जेल में बंद कुछ गैंगस्टरों और बाहर सक्रिय उनके सहयोगियों के बीच संपर्क की भूमिका रही। शूटरों को किसने तैयार किया, उन्हें हथियार और आर्थिक मदद कहां से मिली तथा अंकित की रेकी किसके निर्देश पर हुई, इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं।
जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि पंपू ने हत्या के लिए शूटर उपलब्ध कराने या नेटवर्क के जरिए उनकी व्यवस्था करने में भूमिका निभाई। हालांकि यह पुलिस जांच का हिस्सा है और अदालत में आरोप साबित होना अभी बाकी है।
अंकित बालियान की 26 अगस्त को शामली में जिम से बाहर निकलने के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच के मुताबिक वारदात में चार शूटर शामिल थे। इनमें दो आरोपी बाद में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए, जबकि अन्य आरोपियों और कथित साजिशकर्ताओं को लेकर जांच जारी है।
पुलिस के अनुसार हत्याकांड के पीछे अंकित के एक गाने को लेकर गोगी गैंग से जुड़ी पुरानी नाराजगी भी जांच में सामने आई है। हत्या से पहले अंकित की रेकी किए जाने और पहले भी उसे निशाना बनाने की योजना बनाए जाने का दावा जांच एजेंसियों ने किया है।
अब पुलिस पंपू से पूछताछ कर यह जानना चाहती है कि उसकी कथित भूमिका कहां से शुरू हुई और हत्या की योजना से जुड़े किन लोगों से उसका संपर्क था।
मामले में एक और घटनाक्रम सामने आया है। पंपू ने अदालत के जरिए अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। रिपोर्टों के अनुसार उसने यूपी पुलिस की कस्टडी में दिए जाने की स्थिति में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है।
जेल में रहते हुए गैंग संचालित करने के आरोप ने जांच एजेंसियों के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा किया है कि कथित तौर पर बाहर मौजूद शूटरों और सहयोगियों तक निर्देश किस माध्यम से पहुंचाए गए। मोबाइल, सोशल मीडिया, मुलाकातियों या अन्य माध्यमों की भूमिका थी या नहीं, इसकी जांच महत्वपूर्ण होगी।
फिलहाल अंकित बालियान हत्याकांड में राकेश उर्फ पंपू को कथित साजिशकर्ताओं में शामिल कर जांच की जा रही है। पुलिस के आरोप और जांच में सामने आए तथ्य अभी न्यायिक परीक्षण के अधीन हैं। पंपू या अन्य आरोपियों की आपराधिक जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण अदालत में साक्ष्यों के आधार पर होगा।
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