रेवाड़ी में ‘आयोग आपके द्वार’ कार्यक्रम के तहत हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन उषा प्रियदर्शनी ने जनसुनवाई की। आयोग के सामने कुल 19 शिकायतें रखी गईं। इनमें से 14 मामलों में पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए गए, जबकि दो शिकायतकर्ता सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए। महिलाओं से मारपीट, पारिवारिक विवाद और अधिकारियों पर आरोपों से जुड़े मामले सुनवाई में सामने आए।
नीलम ने शिकायत में आरोप लगाया कि 23 सितंबर को पड़ोसी सुनील और अन्य लोग जबरन उनके घर में घुस आए और मारपीट की। उनका कहना था कि जाटूसाना थाने में शिकायत देने के बावजूद उचित कार्रवाई नहीं हुई। सुनवाई के दौरान उन्होंने घटना का वीडियो प्रस्तुत किया। वीडियो देखने के बाद चेयरपर्सन ने पुलिस को आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
परशुराम कॉलोनी निवासी 71 वर्षीय कमला देवी ने बेटे नवीन यादव पर मारपीट और सोने के कुंडल छीनने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि 8 अगस्त को हुई घटना के बाद उन्हें तीन दिन सरकारी ट्रॉमा सेंटर में भर्ती रहना पड़ा। चेयरपर्सन ने बेटे को गिरफ्तार करने और मां को नए सोने के कुंडल बनवाकर दिलाने के निर्देश दिए।
महेंद्रगढ़ के बैरावास गांव निवासी संजू देवी ने पटवारी सुमलता और गिरदावर बाबूलाल पर पति को झूठे मामले में फंसाने तथा आठ लाख रुपये लेने का आरोप लगाया। उन्होंने रिकॉर्डिंग और दस्तावेज होने का दावा किया, लेकिन सुनवाई में प्रस्तुत नहीं कर सकीं। चेयरपर्सन ने निष्पक्ष जांच और कथित झूठी शिकायत के संबंध में उचित कार्रवाई के निर्देश दिए। आरोपों की सत्यता जांच से स्पष्ट होगी।
बूढ़पुर के सरकारी विद्यालय के स्टाफ और एक शिक्षिका के विवाद में डिप्टी डीईओ पूरी जानकारी नहीं दे पाए। संबंधित मुख्य अधिकारी को बुलाकर दोनों पक्षों को सुना गया और सहमति से समझौता कराया गया।
एक अन्य मामले में अनु यादव ने बेटी से मिलने नहीं दिए जाने की शिकायत की। आयोग ने उन्हें बेटी से मिलने देने और जांच अधिकारी बदलने के निर्देश दिए। चेयरपर्सन ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों से महिलाओं की शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई करने को कहा।
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