ऑनलाइन निवेश का झांसा, करोड़ों की ठगी का मामला उजागर

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Rohtak-online trading fraud

फर्जी एप के जरिए अकाउंटेंट से लाखों का फ्रॉड, सात ट्रांजैक्शन में पैसे गबाए

जिले में ऑनलाइन निवेश के नाम पर एक ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें एक पेशेवर अकाउंटेंट फंस गया। आरोप है कि फर्जी एप और सोशल मीडिया के जरिए अपराधियों ने उसे निवेश करने के लिए प्रेरित किया और सात अलग-अलग ट्रांजैक्शन के माध्यम से करीब साढ़े चार लाख रुपये ठग लिए। यह मामला डिजिटल फ्रॉड और फाइनेंशियल सुरक्षा की अहमियत को उजागर करता है।

सूत्रों के अनुसार, अकाउंटेंट को ऑनलाइन ट्रेडिंग में आकर्षक रिटर्न का झांसा दिया गया। आरोपियों ने पेशेवर अंदाज में फर्जी एप तैयार किया, जो असली ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म की तरह दिखता था। ऐप पर निवेश के बाद स्क्रीन पर “सफल लेन-देन” का संदेश भी दिखाया गया, जिससे पीड़ित को विश्वास हो गया कि पैसा सुरक्षित है और रिटर्न के रूप में बढ़ रहा है।

हालांकि, जब अकाउंटेंट ने बैंक खाते में राशि देखने की कोशिश की, तो पता चला कि कोई पैसा जमा नहीं हुआ। तब जाकर उसे एहसास हुआ कि पूरी प्रक्रिया धोखाधड़ी थी। ऑनलाइन फ्रॉड की इस घटना ने डिजिटल प्लेटफॉर्म के सुरक्षित उपयोग और सतर्कता की आवश्यकता को दोबारा से साबित किया।

पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में एप डेवलपमेंट और फर्जी अकाउंट के माध्यम से फ्रॉड की पुष्टि की जा रही है। साइबर सेल और फाइनेंशियल जांच टीमों को इस प्रकरण में शामिल किया गया है, ताकि अपराधियों का पता लगाया जा सके और ठगी गए पैसे की रिकवरी की जा सके।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामले आम लोगों के लिए चेतावनी हैं। ऑनलाइन निवेश करने से पहले हमेशा भरोसेमंद प्लेटफॉर्म का चयन करना चाहिए। किसी भी एप या लिंक पर व्यक्तिगत और बैंकिंग जानकारी साझा करने से पहले उसके प्रमाण और वैधता की जांच आवश्यक है।

यह घटना डिजिटल फ्रॉड के बढ़ते खतरे और सावधानी बरतने की जरूरत को रेखांकित करती है। आम नागरिकों को ऑनलाइन निवेश में भरोसेमंद मार्ग अपनाने और किसी भी अजीब या असामान्य व्यवहार पर सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।

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