कुरुक्षेत्र में सफाई कर्मचारियों की वार्ता अधूरी, नियमितीकरण पर नहीं बनी सहमति

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14 मांगों में से 13 पर बनी सहमति, एक मुद्दे ने रोका समाधान; आंदोलन जारी रहने के संकेत

कुरुक्षेत्र में सफाई कर्मचारियों और सरकार के बीच अपनी मांगों को लेकर हुई महत्वपूर्ण बैठक किसी अंतिम नतीजे तक नहीं पहुंच सकी। बातचीत के दौरान कर्मचारियों की 14 मांगों में से 13 पर सहमति बन गई, लेकिन कर्मचारियों को पक्का करने यानी नियमित किए जाने की मांग पर सरकार और कर्मचारी पक्ष के बीच सहमति नहीं बन पाई। इसी एक मुद्दे के कारण पूरी वार्ता बेनतीजा रही।

सफाई कर्मचारी लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के सामने आवाज उठा रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि नियमितीकरण उनकी प्रमुख मांगों में शामिल है। उनका तर्क है कि लंबे समय से सफाई व्यवस्था में सेवाएं देने वाले कर्मचारियों को नौकरी की स्थिरता और नियमित कर्मचारी का दर्जा मिलना चाहिए।

बैठक में अन्य मांगों पर सकारात्मक चर्चा हुई और 13 बिंदुओं पर सहमति बनने की बात सामने आई। इससे कर्मचारियों को उम्मीद जगी थी कि वार्ता के जरिए विवाद का समाधान निकल सकता है। लेकिन नियमितीकरण के मुद्दे पर सहमति नहीं बन पाने के कारण कर्मचारियों की मुख्य मांग अधूरी रह गई।

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि केवल अधिकांश मांगों पर सहमति बनना पर्याप्त नहीं है, क्योंकि नियमितीकरण उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक है। इसी वजह से आगे की रणनीति को लेकर कर्मचारी संगठन चर्चा कर सकते हैं।

दूसरी ओर, सरकार की ओर से भी कर्मचारियों की कई मांगों पर सहमति जताई गई है। अब नियमितीकरण के मुद्दे पर आगे बातचीत की संभावना बनी हुई है। इस मुद्दे का समाधान निकालने के लिए सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच एक और दौर की चर्चा हो सकती है।

बैठक के बाद अब सफाई कर्मचारियों की अगली रणनीति पर नजर रहेगी। यदि नियमितीकरण की मांग पर जल्द सहमति नहीं बनती है, तो कर्मचारी आंदोलन को आगे बढ़ाने का फैसला ले सकते हैं। फिलहाल 13 मांगों पर बनी सहमति को सकारात्मक पहल माना जा रहा है, लेकिन एक प्रमुख मांग के कारण विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।

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