सफीदों, (एस• के• मित्तल) : उपमंडल के गांव हाट के 33 केवी बिजली घर में 16 सितंबर की रात एडवोकेट प्रवीण कुमार के साथ कथित मारपीट, बंधक बनाने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर ग्रामीणों और किसानों का आक्रोश बढ़ गया। सोमवार को भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान नवीन मलिक की अध्यक्षता में ग्रामीणों ने हटकेश्वर तीर्थ के पास धरना शुरू कर दिया। धरने में टिकैत ग्रुप के जिला प्रधान बिंदर नंबरदार और मजदूर नेता राधेश्याम समेत कई ग्रामीण व किसान शामिल हुए। ग्रामीणों के धरने की सूचना मिलने पर सदर थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दो दिन का समय मांगा। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की दो टीमें लगाई गई हैं और उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। ग्रामीणों ने पुलिस से लिखित आश्वासन की मांग की, लेकिन थाना प्रभारी ने लिखित आश्वासन देने से इनकार करते हुए गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, धरना जारी रहेगा। मजदूर नेता राधेश्याम के नेतृत्व में संघर्ष को आगे बढ़ाने के लिए 11 सदस्यीय कमेटी का गठन भी किया गया। राधेश्याम ने कहा कि मंगलवार को आसपास के गांवों के उपभोक्ताओं और महिलाओं को भी धरने में शामिल किया जाएगा। धरने के दौरान बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता अमित कुमार भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत करते हुए कहा कि मामले में विभागीय स्तर पर जो कार्रवाई संभव होगी, वह की जाएगी। उन्होंने भविष्य में बिजली घर पर बेहतर छवि वाले कर्मचारियों की तैनाती का भरोसा भी दिलाया। हालांकि ग्रामीणों ने आरोपियों की गिरफ्तारी को अपनी मुख्य मांग बताते हुए धरना जारी रखने का फैसला किया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि पुलिस द्वारा दिए गए समय तक यदि आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे बिजली घर पर तालाबंदी का कदम उठाएंगे। साथ ही ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को बाहर करने की बात भी कही। इसके अलावा बिजली मीटरों को उखाडकर एक्सईएन कार्यालय में डाल देंगे।
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क्या है पूरा मामला
गांव हाट निवासी एडवोकेट प्रवीण कुमार के अनुसार 16 सितंबर की रात करीब 10:30 बजे उनके घर की बिजली आपूर्ति में खराबी आ गई थी। शिकायत दर्ज कराने के लिए वह हाट स्थित 33 केवी बिजली घर पहुंचे और शिकायत रजिस्टर मांगा। प्रवीण का आरोप है कि वहां तैनात लाइनमैन रवि और ऑपरेटर मनीष ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कर्मचारियों ने उसे आरटीआई और सीएम विंडो के माध्यम से अधिकारियों के खिलाफ शिकायत करने का हवाला देते हुए धमकाया। उसके अनुसार, मारपीट के दौरान सिर और हाथों पर चोटें पहुंचाई गईं तथा मोबाइल से वीडियो बनाकर कथित तौर पर शिकायतें वापस लेने की बात कहलवाई गई। प्रवीण ने यह भी आरोप लगाया कि उसे जान से मारने और जिंदा जलाने की धमकी दी गई। बाद में वह किसी तरह वहां से निकलकर घर पहुंचा और उपचार के लिए अस्पताल गया, जहां से उसे खानपुर रेफर किया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर एसडीओ ग्रामीण प्रभात, जेई रतनलाल, जेई राजेंद्र, लाइनमैन रवि और ऑपरेटर मनीष के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
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