केंद्र ने नए PMO कॉम्प्लेक्स का नाम ‘Seva Teerth’ रखा; विपक्ष ने प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए।
केंद्र सरकार ने दिल्ली के नए प्रधानमंत्री कार्यालय कॉम्प्लेक्स का आधिकारिक नाम ‘Seva Teerth’ रखने का निर्णय लिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह नाम इसलिए चुना गया है ताकि शासन-व्यवस्था का संदेश “सत्ता से सेवा” की ओर सुस्पष्ट रूप में जाये और प्रशासनिक गतिविधियों में जन-सेवा का भाव झलके। यह नामकरण केंद्रीय सचिवालय और अन्य संबंधित निहित स्थानों के नाम परिवर्तन की व्यापक पहल का हिस्सा बताया जा रहा है।
सरकार के समर्थकों का तर्क है कि ऐसे प्रतीकात्मक बदलाव से सार्वजनिक-सरकारी संबंधों पर सकारात्मक असर पड़ सकता है और संस्थागत मानसिकता में परिवर्तन को प्रेरित किया जा सकता है। कुछ मंत्रालयों और नेताओं ने इसे एक नैतिक और सांस्कृतिक संकेत के रूप में स्वीकार किया है।
वहीं विपक्ष ने इस कदम पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने कहा है कि नाम बदलने से समस्याएँ हल नहीं होंगी; उन्हें असल में कानून-व्यवस्था, रोज़गार, महंगाई और संसद में चल रही कार्यवाही जैसी जमीनी प्राथमिकताओं पर सरकार का ध्यान चाहिए। कांग्रेस के कुछ नेताओं ने कहा कि सरकार केवल सार्वजनिक प्रतीकों पर ध्यान दे रही है जबकि असली सवालों पर बहस कम हो रही है।
विश्लेषक बताते हैं कि नामकरण का राजनीतिक और सांस्कृतिक अर्थ दोनों हैं — एक ओर यह शासकीय नरेटिव बदलने की कोशिश है, वहीं दूसरी ओर यह विरोधियों के लिए जुबानी हमला-बिंदु भी बनता है। प्रशासन ने कहा है कि साथ-साथ कार्यक्षमता, पारदर्शिता और नागरिक-केंद्रित नीतियों पर भी जोर रहेगा और नामांकन केवल प्रतीकात्मक पहल है। जांच व प्रतिक्रिया के बीच यह विषय सार्वजनिक चर्चा में बना हुआ है।
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