सिरसा में जुड़वां भाइयों की अनोखी जीवन यात्रा इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। दोनों भाइयों ने न केवल बचपन से लेकर पढ़ाई तक हर पड़ाव साथ तय किया, बल्कि शिक्षक के रूप में सरकारी नौकरी भी एक साथ शुरू की और अब एक ही दिन सेवानिवृत्त होकर नई मिसाल कायम की है। उनके सम्मान में शिक्षा विभाग के कर्मचारियों और साथियों ने विदाई समारोह आयोजित कर उन्हें सम्मानित किया।
जानकारी के अनुसार, दोनों भाइयों ने बचपन से साथ पढ़ाई की और शिक्षक बनने का सपना भी साथ देखा। संयोग ऐसा रहा कि दोनों का चयन एक साथ सरकारी शिक्षक के रूप में हुआ। नौकरी के दौरान भी दोनों ने शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय तक अपनी सेवाएं दीं और विद्यार्थियों के बीच अनुशासन, समर्पण और सरल स्वभाव के लिए पहचान बनाई।
इतना ही नहीं, दोनों भाइयों का निजी जीवन भी काफी हद तक एक जैसा रहा। परिवार की सहमति से दोनों की शादी भी एक ही दिन संपन्न हुई। इसके बाद उन्होंने अपने पारिवारिक और पेशेवर जीवन में भी एक-दूसरे का साथ निभाते हुए कई दशक बिताए। अब एक ही दिन सेवा से सेवानिवृत्त होना उनके जीवन का एक और यादगार पड़ाव बन गया है।
सेवानिवृत्ति के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सहकर्मियों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने दोनों शिक्षकों के योगदान की सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि दोनों भाइयों ने अपने कार्यकाल में शिक्षा के प्रति समर्पण और ईमानदारी की मिसाल पेश की। उन्हें स्मृति चिन्ह और सम्मान-पत्र देकर विदाई दी गई।
समारोह के दौरान दोनों भाइयों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा शिक्षा को समाज निर्माण का सबसे प्रभावी माध्यम माना। उन्होंने युवा शिक्षकों से भी पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने का आह्वान किया।
उनकी यह प्रेरणादायक कहानी अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। एक साथ पढ़ाई, एक साथ नौकरी, एक ही दिन विवाह और अब एक ही दिन रिटायरमेंट ने दोनों भाइयों को एक अनोखी पहचान दिलाई है।
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