सिरसा जिले में घग्गर नदी का जलस्तर घटने लगा है, लेकिन नदी किनारे बसे गांवों के किसानों की परेशानियां अभी खत्म नहीं हुई हैं। किसानों का कहना है कि जलस्तर कम होने के बावजूद कई स्थानों पर तटबंध कमजोर बने हुए हैं, जिससे किसी भी समय बड़े नुकसान की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते तटबंधों की मरम्मत नहीं की गई तो आगामी बारिश के दौरान हालात फिर से बिगड़ सकते हैं।
पिछले वर्ष घग्गर में आई बाढ़ ने जिले के कई गांवों में भारी तबाही मचाई थी। खेतों में पानी भरने से हजारों एकड़ फसल खराब हो गई थी और किसानों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा था। प्रभावित किसानों का कहना है कि प्रशासन ने नुकसान का आकलन तो किया, लेकिन अब तक कई लोगों को मुआवजा नहीं मिल पाया है। इसी वजह से किसानों में नाराजगी देखने को मिल रही है।
ग्रामीणों के अनुसार तटबंधों के कुछ हिस्सों में कटाव और कमजोरी साफ दिखाई दे रही है। उनका कहना है कि प्रशासन को केवल जलस्तर पर नजर रखने के बजाय तटबंधों की मजबूती पर भी ध्यान देना चाहिए। कई किसानों ने आशंका जताई कि यदि तेज बारिश के दौरान पानी का दबाव बढ़ा तो कमजोर हिस्से टूट सकते हैं, जिससे आसपास के गांवों और खेती की जमीन को फिर से नुकसान पहुंच सकता है।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि घग्गर नदी की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। संवेदनशील क्षेत्रों में कर्मचारियों की तैनाती की गई है और तटबंधों की नियमित जांच भी की जा रही है। जरूरत पड़ने पर तत्काल मरम्मत कार्य शुरू करने की योजना तैयार रखी गई है।
किसानों ने सरकार से मांग की है कि पिछले साल की बाढ़ से प्रभावित लोगों को जल्द मुआवजा दिया जाए और तटबंधों को स्थायी रूप से मजबूत किया जाए। उनका कहना है कि हर साल बाढ़ और नुकसान का सामना करने के बजाय दीर्घकालिक समाधान की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
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