मेदांता में भर्ती सोनम वांगचुक ने नड्डा और जितेंद्र सिंह को लिखा पत्र, अनशन समाप्त करने के लिए रखीं तीन शर्तें

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Sonam Wangchuk

गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह को एक पत्र लिखकर अपनी मांगों और वर्तमान स्थिति से अवगत कराया है। पत्र में उन्होंने अपनी तीन प्रमुख मांगें रखते हुए कहा कि इन पर सकारात्मक पहल होने की स्थिति में वह अपना अनशन समाप्त करने पर विचार करेंगे।

सोनम वांगचुक ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि उन्हें देश के विभिन्न हिस्सों से समर्थन मिल रहा है। उन्होंने 65 सांसदों द्वारा की गई अपील का जिक्र करते हुए उम्मीद जताई कि सरकार इस विषय पर गंभीरता से विचार करेगी और संवाद के माध्यम से समाधान निकालेगी।

पत्र के अनुसार, वांगचुक ने संबंधित मुद्दों पर सार्थक बातचीत और ठोस आश्वासन को आवश्यक बताया है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाना है। ये मांगें और शर्तें वांगचुक द्वारा पत्र में व्यक्त किए गए उनके पक्ष का हिस्सा हैं।

इस बीच मेदांता अस्पताल में उनका उपचार जारी है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है। अस्पताल परिसर में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से इस पत्र पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं की गई है। राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की नजर अब सरकार के अगले कदम और संभावित बातचीत पर बनी हुई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर आगे की स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है।

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