ट्रांसपोर्ट कारोबार पर असर, दूसरे दिन भी थमी ट्रकों की रफ्तार

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Sonipat news

हरियाणा के Sonipat में ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल का असर लगातार दूसरे दिन भी देखने को मिला। ईसीसी शुल्क और बीएस-4 वाहनों पर लगाए गए प्रतिबंध के विरोध में हजारों ट्रकों के पहिए थम गए, जिससे माल ढुलाई का काम बुरी तरह प्रभावित हुआ। ट्रांसपोर्ट नगर और प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ट्रक खड़े नजर आए।

ट्रक ऑपरेटरों का कहना है कि बढ़ते शुल्क और पुराने वाहनों पर प्रतिबंध से उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप है कि नई नीतियों से छोटे और मध्यम स्तर के ट्रांसपोर्टरों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। इसी को लेकर ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने हड़ताल का आह्वान किया है।

हड़ताल के कारण उद्योगों और व्यापारिक गतिविधियों पर भी असर पड़ा है। कई फैक्ट्रियों और गोदामों में समय पर माल नहीं पहुंच सका, जबकि बाहर भेजे जाने वाले सामान की ढुलाई भी रुक गई। व्यापारियों का कहना है कि यदि हड़ताल लंबी चली तो सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है और बाजार में सामान की उपलब्धता पर असर पड़ सकता है।

प्रदर्शन कर रहे ट्रांसपोर्टरों ने सरकार से ईसीसी शुल्क में राहत देने और बीएस-4 वाहनों पर लगे प्रतिबंध को लेकर पुनर्विचार की मांग की है। उनका कहना है कि अचानक लागू किए गए नियमों से हजारों लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है।

वहीं प्रशासन और संबंधित विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि ट्रांसपोर्ट यूनियनों के प्रतिनिधियों से बातचीत की जा रही है ताकि समस्या का समाधान निकाला जा सके। फिलहाल हड़ताल जारी रहने से परिवहन व्यवस्था और व्यापारिक गतिविधियों पर असर बना हुआ है।

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