हरियाणा के स्वास्थ्य शिक्षा क्षेत्र से जुड़े छात्रों के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है। राज्य के स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय ने मेडिकल और संबद्ध स्वास्थ्य पाठ्यक्रमों की फीस में उल्लेखनीय बढ़ोतरी का फैसला लिया है। नई फीस संरचना 1 अगस्त से लागू होगी और इसका असर नए शैक्षणिक सत्र में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों पर पड़ेगा।
नई व्यवस्था के अनुसार, विभिन्न मेडिकल कोर्सों की फीस में संशोधन किया गया है। इसके अलावा, अगले पांच वर्षों तक हर साल फीस में 10 प्रतिशत की नियमित वृद्धि भी की जाएगी। इस निर्णय के बाद मेडिकल शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों और उनके अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि बढ़ती शैक्षणिक लागत, आधुनिक सुविधाओं के विस्तार, प्रयोगशालाओं के रखरखाव और शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से फीस में संशोधन किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि नई फीस संरचना से संस्थानों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
वहीं, छात्रों और अभिभावकों के बीच इस फैसले को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोगों का कहना है कि मेडिकल शिक्षा पहले से ही काफी महंगी है और लगातार फीस बढ़ने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए उच्च शिक्षा हासिल करना और कठिन हो सकता है। दूसरी ओर, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बढ़ी हुई फीस के बदले बेहतर सुविधाएं, आधुनिक उपकरण और उच्च गुणवत्ता की शिक्षा सुनिश्चित की जाती है, तो इसका सकारात्मक प्रभाव भी देखने को मिल सकता है।
अब विद्यार्थियों की नजर विश्वविद्यालय द्वारा जारी विस्तृत फीस संरचना और नए नियमों पर है, ताकि वे आगामी प्रवेश प्रक्रिया और अपने शैक्षणिक खर्च की बेहतर योजना बना सकें।
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