दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति पर उत्तराखंड कांग्रेस का विरोध, गांधी पार्क में एक घंटे का मौन उपवास

3
Uttarakhand Congress

देहरादून। दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के विरोध में उत्तराखंड कांग्रेस ने मंगलवार को गांधी पार्क में एक घंटे का मौन उपवास किया। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल समेत पार्टी कार्यकर्ता गांधी प्रतिमा के सामने बैठे। कांग्रेस ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका से जुड़े आरोपों का हवाला देते हुए नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं।

दुष्यंत गौतम पहले उत्तराखंड में भाजपा के प्रदेश प्रभारी रह चुके हैं। कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने भी सोशल मीडिया पर उनकी नियुक्ति को लेकर सवाल उठाए।

गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि अंकिता प्रकरण में उठे सवालों की जांच स्पष्ट करने के बजाय संबंधित व्यक्ति को संवैधानिक पद दिया गया है। उन्होंने इसे उत्तराखंड की भावनाओं का अपमान बताया। गोदियाल ने कहा कि अंकिता के माता-पिता कथित वीआईपी की भूमिका की पड़ताल चाहते हैं और सरकार को इस पहलू पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

गोदियाल ने आशंका जताई कि राज्यपाल पद पर नियुक्ति से भविष्य की कानूनी कार्रवाई प्रभावित हो सकती है। यह उनका राजनीतिक आरोप है। उन्होंने लोगों से नियुक्ति वापस लिए जाने तक विरोध जारी रखने की अपील की।

प्रदेश कांग्रेस महासचिव संगठन राजेंद्र सिंह भंडारी ने भी फैसले की आलोचना की। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मामले में सरकार को गंभीरता दिखानी चाहिए। कांग्रेस ने जांच की स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है।

अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने जांच में देरी का आरोप लगाते हुए कथित वीआईपी की भूमिका की विस्तृत पड़ताल की मांग की। उन्होंने संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ, फोन लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड की जांच तथा वनंतरा रिसॉर्ट तोड़े जाने से जुड़े घटनाक्रम को स्पष्ट करने की मांग उठाई।

दुष्यंत गौतम के संबंध में लगाए गए आरोपों की पुष्टि करने वाला कोई जांच निष्कर्ष उपलब्ध विवरण में नहीं है। उनकी या भाजपा की प्रतिक्रिया भी उपलब्ध नहीं है। कांग्रेस और मृतका के पिता के आरोपों को जांच में स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।

Loading