हरियाणा के यमुनानगर में चर्चित सभरवाल टायर्स फायरिंग केस की जांच तेज हो गई है। पुलिस अब इस वारदात के पीछे मौजूद उस हैंडलर की तलाश में जुटी है, जिसने कथित तौर पर आरोपियों को निर्देश दिए थे। जांच एजेंसियों का मानना है कि पूरे घटनाक्रम में एक संगठित नेटवर्क की भूमिका हो सकती है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले में पकड़े गए या हिरासत में लिए गए बिहार और राजस्थान से जुड़े शूटरों से लगातार पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के दौरान मिली जानकारियों के आधार पर पुलिस अब उस व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास कर रही है, जिसने कथित रूप से वारदात की योजना बनाई और आरोपियों को निर्देश दिए। जांच अभी जारी है और इन तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि आगे की जांच के बाद होगी।
जांच टीम तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल फोन रिकॉर्ड, कॉल डिटेल, लोकेशन डेटा और अन्य डिजिटल सुरागों की भी पड़ताल कर रही है। इसके अलावा विभिन्न राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर संदिग्धों की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में जल्दबाजी में किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जाएगा। उपलब्ध साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल सभरवाल टायर्स फायरिंग मामले की जांच कई पहलुओं पर जारी है। पुलिस का दावा है कि तकनीकी और मानवीय खुफिया सूचनाओं के आधार पर जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सकता है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।
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