यमुनानगर में किसान महापंचायत के बाद हाईवे पर धरना, एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर खोला जाम

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Yamunanagar News

यमुनानगर के औरंगाबाद में रविवार को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की किसान महापंचायत के बाद किसानों ने पंचकूला-सहारनपुर हाईवे पर धरना दिया। धान खरीद में परेशानी और गन्ने के दाम समेत विभिन्न मुद्दों पर किसानों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। जगाधरी एसडीएम विश्वनाथ के साथ करीब 45 मिनट की बातचीत के बाद धरना समाप्त कर जाम खोल दिया गया।

महापंचायत में किसान नेता राकेश टिकैत ट्रैक्टर पर पहुंचे। उन्होंने धान खरीद की व्यवस्था, मंडियों में किसानों को हो रही परेशानी और सरकार की कृषि नीतियों पर सवाल उठाए। टिकैत ने कहा कि किसानों की फसल की खरीद सुचारु तरीके से होनी चाहिए और उन्हें खरीद प्रक्रिया के नाम पर अनावश्यक परेशान नहीं किया जाना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान भाकियू प्रदेशाध्यक्ष रतन मान ने हाईवे जाम करने की घोषणा की। इसके बाद किसान हाईवे की ओर बढ़े और सड़क पर धरने पर बैठ गए। किसान नेताओं की मांग थी कि अधिकारी उनका ज्ञापन लेने के लिए वहीं पहुंचें। सूचना मिलने पर एसडीएम विश्वनाथ मौके पर आए और किसानों के साथ हाईवे पर बैठकर बातचीत की। इसके बाद किसानों ने उन्हें अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।

राकेश टिकैत ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण युवा खेती से दूर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा के किसान अपनी समस्याओं को लेकर जो निर्णय लेंगे, भारतीय किसान यूनियन उनका समर्थन करेगी। जरूरत पड़ने पर हरियाणा-उत्तर प्रदेश सीमा पर आंदोलन का निर्णय लेने की बात भी कही।

टिकैत ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश के किसान भी हरियाणा की मंडियों में फसल बेचने आते थे, जबकि अब स्थानीय किसानों को ही खरीद में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मंडियों में खरीद व्यवस्था बेहतर करने की मांग उठाई।

रतन मान ने कहा कि धान खरीद शुरू होने के दावों के बावजूद मंडियों में पर्याप्त बारदाना नहीं पहुंचा है। उन्होंने गन्ने के दाम को लेकर भी किसानों में नाराजगी होने की बात कही। मान ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही, जिसके कारण उन्हें बार-बार आंदोलन करना पड़ रहा है।

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