करोड़ों की ठगी के बाद वॉयस मैसेज से दबाव, जांच के घेरे में आरोपी
पानीपत में करोड़ों रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आने के बाद अब इसमें डराने-धमकाने का एंगल भी जुड़ गया है। आरोप है कि आर्थिक धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराने वाले व्यक्ति को व्हाट्सएप पर विदेशी नंबर से वॉयस मैसेज भेजकर केस वापस लेने का दबाव बनाया गया। मैसेज में साफ शब्दों में कहा गया कि यदि शिकायत वापस नहीं ली गई, तो अंजाम गंभीर होगा।
पीड़ित के अनुसार, उसने कुछ समय पहले बड़े निवेश और लेन-देन से जुड़ी धोखाधड़ी की शिकायत पुलिस में दी थी। जांच शुरू होते ही उसे अलग-अलग माध्यमों से समझौते के संकेत मिलने लगे। जब उसने झुकने से इनकार किया, तो कथित तौर पर यह धमकी भरा वॉयस मैसेज भेजा गया। आवाज और भाषा के आधार पर यह मैसेज किसी विदेशी स्थान से भेजा गया बताया जा रहा है।
धमकी मिलने के बाद पीड़ित ने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी और ऑडियो मैसेज को सबूत के तौर पर सौंप दिया। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ठगी के साथ-साथ धमकी देने की धाराओं में भी जांच शुरू कर दी है। साइबर सेल को भी इसमें शामिल किया गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वॉयस मैसेज किस देश और किस नेटवर्क से भेजा गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि आरोपी या उनसे जुड़े लोग शिकायत को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। कॉल डिटेल्स, आईपी ट्रैकिंग और डिजिटल फॉरेंसिक की मदद से आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बड़े आर्थिक मामलों में दबाव और धमकी किस तरह एक हथियार के रूप में इस्तेमाल की जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में पीड़ितों को पूरी सुरक्षा और भरोसा मिलना चाहिए, ताकि वे बिना डर के कानूनी लड़ाई लड़ सकें।
पुलिस का दावा है कि न केवल ठगी करने वालों, बल्कि धमकी देने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है
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