राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों के लिए संपत्ति घोषणा अनिवार्य, समयसीमा तय

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हरियाणा में एचसीएस अफसरों को परिसंपत्तियों का ब्योरा ऑनलाइन जमा करने के निर्देश; मुख्य सचिव का आदेश जारी

प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक पारदर्शिता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। राज्य प्रशासनिक सेवा (HCS) से जुड़े अधिकारियों को अपनी चल-अचल संपत्तियों का पूरा विवरण निर्धारित प्रारूप में प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है। इस संबंध में मुख्य सचिव (CS) कार्यालय की ओर से औपचारिक पत्र जारी कर सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे तय तिथि तक अपनी वार्षिक संपत्ति विवरणी जमा करें।

जारी निर्देशों के अनुसार, अधिकारियों को स्वयं, अपने जीवनसाथी तथा आश्रितों के नाम पर दर्ज संपत्तियों की जानकारी स्पष्ट रूप से देनी होगी। इसमें भूमि, भवन, व्यावसायिक संपत्ति, निवेश, बैंक जमा, वाहन और अन्य मूल्यवान परिसंपत्तियां शामिल होंगी। प्रशासन का कहना है कि यह प्रक्रिया शासन में जवाबदेही बढ़ाने और सेवा आचरण नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, निर्धारित अंतिम तिथि 30 अप्रैल तय की गई है। इसके बाद पोर्टल पर रिटर्न स्वीकार नहीं किए जाएंगे। अधिकारियों को समयसीमा के भीतर विवरण अपलोड करने की हिदायत दी गई है ताकि विभागीय स्तर पर संकलन और सत्यापन की प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके।

सूत्रों का यह भी कहना है कि संपत्ति विवरण जमा न करने की स्थिति में संबंधित सेवा नियमों के तहत कार्रवाई संभव है। पूर्व में भी इस प्रकार की व्यवस्था लागू रही है, लेकिन इस बार समयबद्ध अनुपालन पर विशेष जोर दिया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित संपत्ति घोषणा से प्रशासनिक तंत्र में पारदर्शिता और जनविश्वास दोनों मजबूत होते हैं। यह कदम शासन प्रणाली में जवाबदेही की संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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