जाट आरक्षण आंदोलन में कैप्टन कोठी आगजनी कांड: भगोड़े धर्मेंद्र हुड्डा के खुलासे के बाद पानीपत से उठी जांच की मांग, जितेंद्र संधू ने हुड्डा परिवार को घेरा

10
Jat reservation agitation

हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुए चर्चित कैप्टन कोठी आगजनी कांड को लेकर एक बार फिर सियासत गरमा गई है। इस मामले में भगोड़े आरोपी धर्मेंद्र हुड्डा के हालिया खुलासे के बाद पानीपत से दोबारा जांच की मांग उठने लगी है। वहीं सामाजिक कार्यकर्ता जितेंद्र संधू ने इस मुद्दे पर हुड्डा परिवार को घेरते हुए गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

जानकारी के अनुसार जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान कई जगहों पर हिंसा और आगजनी की घटनाएं सामने आई थीं। इसी दौरान कैप्टन की कोठी में भी आग लगा दी गई थी, जिससे भारी नुकसान हुआ था। इस मामले में पहले भी कई आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था, लेकिन कुछ आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं।

इसी बीच भगोड़े आरोपी धर्मेंद्र हुड्डा ने कथित तौर पर कुछ नए खुलासे किए हैं, जिनमें आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं और कुछ लोगों की भूमिका को लेकर दावा किया गया है। इन खुलासों के बाद पानीपत के कुछ सामाजिक संगठनों और स्थानीय नेताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग तेज कर दी है।

सामाजिक कार्यकर्ता जितेंद्र संधू ने प्रेस से बातचीत में कहा कि धर्मेंद्र हुड्डा के बयान के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने कहा कि अगर इन खुलासों में सच्चाई है तो मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी हों, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। संधू ने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में राजनीतिक संरक्षण की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

वहीं दूसरी ओर हुड्डा परिवार की ओर से इन आरोपों को निराधार बताया जा रहा है। परिवार से जुड़े लोगों का कहना है कि यह सब राजनीतिक साजिश के तहत किया जा रहा है और उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है।

अब धर्मेंद्र हुड्डा के दावों के बाद जाट आरक्षण आंदोलन से जुड़े इस पुराने मामले में एक बार फिर जांच और कार्रवाई को लेकर बहस तेज हो गई है। अगर सरकार या जांच एजेंसियां इस मामले में दोबारा जांच करती हैं तो कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं।

Loading