सोहना क्षेत्र में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पर्यटन विभाग की जमीन को कब्जामुक्त कराया। अभियान के दौरान कई अवैध निर्माणों को हटाया गया, जिनमें कोठियां, मकान और अन्य स्थायी ढांचे शामिल बताए जा रहे हैं। कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप का माहौल देखने को मिला।
अधिकारियों के अनुसार, संबंधित भूमि पर्यटन विभाग के स्वामित्व में दर्ज है, लेकिन कुछ लोगों ने उस पर अवैध रूप से कब्जा कर निर्माण कार्य कर लिया था। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि भूमि को वैध स्वामित्व के दस्तावेजों के बिना ही अन्य लोगों को बेचा जा रहा था। कथित तौर पर कई खरीदारों को जमीन के संबंध में गुमराह किया गया।
प्रशासनिक टीम ने राजस्व रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच के बाद कार्रवाई को अंजाम दिया। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है और किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी उद्देश्य से अभियान चलाकर भूमि को मुक्त कराया गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, लंबे समय से इस क्षेत्र में जमीन की खरीद-फरोख्त को लेकर विवाद और शिकायतें सामने आ रही थीं। कई लोगों ने आरोप लगाया कि उन्हें भूमि की कानूनी स्थिति की पूरी जानकारी नहीं दी गई थी। ऐसे मामलों में खरीदारों को आर्थिक नुकसान उठाने का जोखिम भी बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी भूमि की खरीद से पहले उसके स्वामित्व, रजिस्ट्री और राजस्व रिकॉर्ड की पूरी जांच करना बेहद जरूरी होता है। सरकारी या विवादित भूमि से जुड़े मामलों में अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए ताकि भविष्य में कानूनी समस्याओं से बचा जा सके।
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी भूमि सौदे से पहले दस्तावेजों का सत्यापन अवश्य करें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना संबंधित विभागों को दें।
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