हरियाणा में होने वाले नगर निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सत्ताधारी दल ने मेयर पद के उम्मीदवारों के चयन को लेकर राजधानी में देर रात तक अहम बैठक की, जिसमें कई वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया। माना जा रहा है कि इस बैठक में उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप देने के साथ-साथ चुनावी रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व इस बार उम्मीदवार चयन में खास सावधानी बरत रहा है। स्थानीय स्तर पर लोकप्रियता, संगठन में सक्रियता और जीत की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए नामों पर मंथन किया गया। कई शहरों के लिए पैनल तैयार किए गए हैं, जिनमें से अंतिम नामों की घोषणा जल्द की जा सकती है।
बैठक में यह भी तय किया गया कि चुनाव प्रचार को किस तरह से प्रभावी बनाया जाए। जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की भूमिका को मजबूत करने, बूथ मैनेजमेंट और सोशल मीडिया के जरिए प्रचार को बढ़ावा देने जैसे मुद्दों पर विशेष जोर दिया गया। इसके अलावा, विपक्ष की रणनीति का मुकाबला करने के लिए भी अलग-अलग योजनाएं बनाई गई हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नगर निकाय चुनाव राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, क्योंकि इससे जनता का रुझान और सरकार के कामकाज को लेकर संतुष्टि का स्तर सामने आता है। ऐसे में सत्ताधारी दल किसी भी तरह की चूक नहीं करना चाहता और पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरने की रणनीति बना रहा है।
अब सभी की नजरें उम्मीदवारों की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जो चुनावी समीकरणों को काफी हद तक प्रभावित कर सकती है।
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