फर्जी करेंसी गिरोह का खुलासा, पूर्व पंचायत प्रमुख पर गंभीर आरोप

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fake currency scam

यमुनानगर से जुड़े फायरिंग मामले की जांच के दौरान पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो लोगों को नकली नोटों को असली में बदलने का झांसा देकर ठगी करता था। इस मामले में एक पूर्व सरपंच का नाम सामने आया है, जिस पर पूरे नेटवर्क को संचालित करने का आरोप लगाया जा रहा है।

जांच में सामने आया कि आरोपी फिलहाल मोहाली में रह रहा था और उसने अपनी कोठी को इस अवैध गतिविधि के लिए एक तरह के डेमो सेंटर में बदल रखा था। यहां पर लोगों को नकली नोटों को ‘प्रोसेस’ करके असली बनाने का दिखावा किया जाता था। इस दौरान पीड़ितों को भरोसा दिलाने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए जाते थे, जिससे वे आसानी से झांसे में आ जाते थे।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी और उसके साथी लोगों से मोटी रकम ऐंठते थे और फिर उन्हें फर्जी तकनीक दिखाकर विश्वास दिलाते थे कि उनके नकली नोट असली में बदले जा सकते हैं। जब तक लोगों को ठगी का एहसास होता, तब तक गिरोह फरार हो जाता था।

फायरिंग केस की कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस इस निष्कर्ष तक पहुंची कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और कई लोगों को अपना शिकार बना चुका है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।

अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की ठगी से बचने के लिए लोगों को सतर्क रहना चाहिए और किसी भी संदिग्ध प्रस्ताव पर विश्वास नहीं करना चाहिए। पुलिस ने यह भी अपील की है कि यदि किसी को इस गिरोह के बारे में कोई जानकारी हो तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें, ताकि आगे की कार्रवाई तेजी से की जा सके।

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