सरकारी कॉलेजों में कर्मचारियों के मूल्यांकन सिस्टम में बड़ा बदलाव, नई जिम्मेदारियां तय

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Haryana Education

हरियाणा के सरकारी कॉलेजों में नॉन-टीचिंग स्टाफ की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR) प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिनमें प्रिंसिपल से लेकर डायरेक्टर स्तर तक अधिकारियों की जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से तय की गई हैं। इस फैसले का उद्देश्य कर्मचारियों के कार्य मूल्यांकन को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना बताया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार अब कॉलेजों में कार्यरत नॉन-टीचिंग कर्मचारियों की ACR तैयार करने, उसकी समीक्षा करने और अंतिम अनुमोदन की प्रक्रिया को नए तरीके से लागू किया जाएगा। विभाग ने विभिन्न पदों के अनुसार अधिकारियों की भूमिकाएं तय की हैं ताकि रिपोर्टिंग प्रक्रिया में किसी तरह की अस्पष्टता न रहे।

नए निर्देशों के तहत प्रिंसिपल को मुख्य रिपोर्टिंग अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि उच्च स्तर पर समीक्षा और अनुमोदन का अधिकार संबंधित अधिकारियों को सौंपा गया है। विभाग का मानना है कि इससे कर्मचारियों के प्रदर्शन का निष्पक्ष मूल्यांकन संभव हो सकेगा और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी।

उच्च शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी कॉलेजों को निर्देश जारी कर नए नियमों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही अधिकारियों को समय पर ACR प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश भी दिए गए हैं। विभागीय स्तर पर इस प्रक्रिया की मॉनिटरिंग भी की जाएगी ताकि किसी प्रकार की लापरवाही सामने न आए।

शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि नई व्यवस्था से प्रशासनिक कार्यप्रणाली अधिक मजबूत होगी और कर्मचारियों की जवाबदेही भी बढ़ेगी। वहीं कुछ कर्मचारी संगठनों की ओर से नए नियमों का अध्ययन करने के बाद अपनी प्रतिक्रिया देने की बात कही जा रही है।

इस बदलाव को सरकारी कॉलेजों की प्रशासनिक व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसका असर आने वाले समय में कर्मचारियों की कार्यप्रणाली और मूल्यांकन प्रक्रिया पर देखने को मिल सकता है।

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