हरियाणा में ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन का ऐलान कर दिया है। कर्मचारियों के संगठनों ने 15 और 16 मई को प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन और हड़ताल करने की घोषणा की है। इस फैसले के बाद कई ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
रोहतक में आयोजित बैठक के दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पिछले करीब 12 वर्षों में स्थायी भर्ती नहीं की गई। उनका आरोप है कि लंबे समय से कर्मचारी अस्थायी व्यवस्था में काम कर रहे हैं, जिससे उन्हें नौकरी की सुरक्षा और अन्य सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने यह भी कहा कि कई बार मांगें उठाने के बावजूद समाधान नहीं निकला।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी लगातार बढ़ रही है, लेकिन कर्मचारियों की संख्या और संसाधनों में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हुई। इससे काम का दबाव बढ़ गया है। आंदोलन के दौरान प्रदेश के अलग-अलग जिलों में प्रदर्शन, धरना और ज्ञापन सौंपने जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
दूसरी ओर प्रशासन की ओर से हालात पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित न हो। यदि हड़ताल लंबी चली तो गांवों में कचरा उठाने और स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने में दिक्कतें आ सकती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते समाधान नहीं निकला तो इसका असर ग्रामीण स्वास्थ्य और स्वच्छता पर पड़ सकता है। फिलहाल सभी की नजरें सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच होने वाली संभावित बातचीत पर टिकी हैं।
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