हरियाणा में तकनीकी शिक्षा को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्य के पॉलिटेक्निक संस्थानों में जल्द ही साइबर फोरेंसिक सहित 11 नए रोजगारोन्मुखी कोर्स शुरू किए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को नई तकनीकों, डिजिटल सुरक्षा और उद्योगों की बदलती मांगों के अनुरूप तैयार करना है।
नई शिक्षा नीति के तहत लिए गए इस फैसले से विद्यार्थियों को पारंपरिक तकनीकी पाठ्यक्रमों के साथ-साथ भविष्य की चुनौतियों और अवसरों से जुड़ी विशेष शिक्षा प्राप्त करने का मौका मिलेगा। खासतौर पर साइबर फोरेंसिक कोर्स के जरिए छात्रों को डिजिटल अपराधों की जांच, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण और साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार इन नए पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए सीमित सीटें निर्धारित की गई हैं और शुरुआती चरण में 60 विद्यार्थियों को दाखिला दिया जाएगा। इससे छात्रों को विशेषज्ञता आधारित प्रशिक्षण मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे। साइबर सुरक्षा और डिजिटल जांच का क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है, ऐसे में प्रशिक्षित युवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी संस्थानों में इस प्रकार के आधुनिक कोर्स शुरू होने से छात्रों की रोजगार क्षमता मजबूत होगी। साथ ही उन्हें सरकारी, निजी और आईटी क्षेत्र में करियर बनाने के बेहतर अवसर मिल सकेंगे। उद्योग जगत भी लंबे समय से ऐसे पाठ्यक्रमों की मांग कर रहा था जो सीधे तौर पर वर्तमान तकनीकी जरूरतों से जुड़े हों।
राज्य सरकार का लक्ष्य तकनीकी शिक्षा को अधिक व्यावहारिक और उद्योग केंद्रित बनाना है। नए कोर्स शुरू होने से विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि आधुनिक उपकरणों और तकनीकों पर आधारित व्यावहारिक प्रशिक्षण भी मिलेगा। इससे हरियाणा के तकनीकी संस्थानों की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।
![]()











