चंडीगढ़ में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है। छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभिन्न कोचिंग सेंटरों में औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस दौरान कई संस्थानों में अग्नि सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण कमियां सामने आने के बाद व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट कराने का फैसला लिया गया है।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने भवनों में मौजूद अग्निशमन उपकरणों, आपातकालीन निकास मार्गों, फायर अलार्म सिस्टम और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की। कई स्थानों पर सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन नहीं होने की बात सामने आई। कुछ संस्थानों में आपातकालीन निकास मार्ग बाधित पाए गए, जबकि कहीं अग्निशमन उपकरणों का रखरखाव संतोषजनक नहीं मिला।
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि बड़ी संख्या में छात्र प्रतिदिन कोचिंग संस्थानों में आते हैं, इसलिए सुरक्षा मानकों का पालन बेहद आवश्यक है। किसी भी आपात स्थिति में छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए पर्याप्त और प्रभावी व्यवस्था होना जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए सभी संस्थानों की विस्तृत जांच की जाएगी।
प्रशासन ने संबंधित संस्थानों को आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए हैं। जिन स्थानों पर कमियां पाई गई हैं, वहां सुरक्षा मानकों को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए कहा गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जा सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा संस्थानों में फायर सेफ्टी केवल कानूनी आवश्यकता नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। नियमित ऑडिट और सुरक्षा अभ्यास से संभावित दुर्घटनाओं के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
फिलहाल नगर निगम की टीमें विभिन्न क्षेत्रों में स्थित कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण कर रही हैं। प्रशासन का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी संस्थान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करें और विद्यार्थियों को सुरक्षित शिक्षण वातावरण उपलब्ध हो सके।
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