सफीदों (एस• के• मित्तल) : हरियाणा में अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ नायब सैनी सरकार ने अब निर्णायक कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी कड़ी में बुधवार को सफीदों उपमंडल के गांव ऐंचरा कलां में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े रणदीप मलिक की अवैध संपत्ति पर बुलडोजर चला दिया। रणदीप मलिक, जो पिछले करीब 13 वर्षों से अमेरिका में रह रहा है, वहीं से कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग को संचालित कर रहा था। बताया जा रहा है कि लॉरेंस बिश्नोई और उसके भाई अनमोल बिश्नोई के जेल में बंद होने के बाद गैंग की कमान रणदीप मलिक के हाथों में आ गई थी। प्रशासनिक जांच में सामने आया कि रणदीप मलिक ने 31 मई 2023 को पुश्तेनी जमीन से अलग अपनी मां के नाम पर गांव में एक प्रॉपर्टी खरीदी थी। जांच में यह भी पाया गया कि यह संपत्ति कथित तौर पर आपराधिक गतिविधियों से अर्जित धन से खरीदी गई थी। इसी आधार पर सरकार के निर्देशों के तहत इसे ध्वस्त किया गया। बुधवार सुबह ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार संजय कुमार, सदर थाना प्रभारी राजेश शर्मा और कानूनगो संजय कुमार सहित प्रशासनिक टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। जैसे ही बुलडोजर ने अवैध निर्माण को गिराना शुरू किया, गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए।
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विदेश से ऑपरेट हो रहा था अपराध का नेटवर्क
पुलिस जांच के अनुसार रणदीप मलिक वर्ष 2015 में भारत से अमेरिका गया था, जहां वह ट्रक ड्राइवर का काम करता है। लेकिन इसी दौरान उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा और धीरे-धीरे अंतरराज्यीय गैंगस्टर नेटवर्क का अहम हिस्सा बन गया। सोनीपत एसटीएफ द्वारा दर्ज शिकायत के अनुसार, रणदीप मलिक अमेरिका से ही फोन और डिजिटल माध्यमों के जरिए अपने नेटवर्क को संचालित करता था। वह जरूरतमंद युवाओं को पैसे का लालच देकर उन्हें अपने गिरोह में शामिल करता और फिर उनसे हरियाणा, पंजाब व अन्य राज्यों में रंगदारी, फायरिंग, धमकी और बम धमाकों जैसी वारदातें करवाता था। बताया गया है कि वर्ष 2024 में उसने रेमिटेंस के जरिए 30 से 40 युवाओं को पैसे भेजे और उन्हें आपराधिक गतिविधियों में शामिल किया। जांच एजेंसियों के मुताबिक 26 नवंबर 2024 को चंडीगढ़ में दो बम धमाके व 10 दिसंबर 2024 को गुरुग्राम सेक्टर-29 में धमाका करवाने के मामलों में उसके खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं। एसटीएफ ने इस नेटवर्क से जुड़े पांच युवकों कुलदीप (किठाना, कैथल), दिनेश (आसन कला, पानीपत), जितेंद्र उर्फ जीतू (कैथल), महिपाल (असंध, करनाल), करण शर्मा (राहर कला, पानीपत) को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। इन सभी पर फिरौती, गैंग संचालन और अन्य गंभीर अपराधों में संलिप्तता के आरोप हैं।
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ड्यूटी मैजिस्ट्रेट तहसीलदार संजय कुमार ने बताया कि यह
सरकार के स्पष्ट निर्देशों के तहत की गई है। जांच के दौरान यह पाया गया कि संबंधित प्रॉपर्टी 31 मई 2023 को अवैध आय से अर्जित की गई थी। ऐसे मामलों में सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति लागू की जा रही है। जिसके तहत अपराध से अर्जित संपत्तियों को जब्त या ध्वस्त किया जा रहा है।
सरकार के स्पष्ट निर्देशों के तहत की गई है। जांच के दौरान यह पाया गया कि संबंधित प्रॉपर्टी 31 मई 2023 को अवैध आय से अर्जित की गई थी। ऐसे मामलों में सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति लागू की जा रही है। जिसके तहत अपराध से अर्जित संपत्तियों को जब्त या ध्वस्त किया जा रहा है।बॉक्स:-
सदर थाना प्रभारी राजेश शर्मा ने बताया कि रणदीप मलिक का नाम लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में सामने आता रहा है। सफीदों सदर थाने में उसके गुर्गे द्वारा फिरौती मांगे जाने का व मामला दर्ज है। 12 दिसंबर 2024 में भी सोनीपत एसटीएफ से शिकायत प्राप्त हुई थी। सफीदों क्षेत्र का रणदीप मलिक हरियाणा में 30-40 युवाओं को पैसे भेज कर अपराधिक घटनाओं को अंजाम दिलाया रहा है। जिसमें चंडीगढ़ व गुरुग्राम में भी है बम धमाकों की घटना के संबंध में भी दो मुकदमे रणदीप मलिक पर दर्ज है। हरियाणा और पंजाब में उसके खिलाफ अनेक गंभीर मामले दर्ज हैं। उन्होंने साफ कहा है कि अपराध से कमाई गई संपत्ति को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
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