हरियाणा के जींद से रवाना हुई हाइड्रोजन ट्रेन तकनीकी खराबी के कारण बीच रास्ते में रुक गई। जानकारी के अनुसार, ट्रेन को आगे नहीं चलाया जा सका, जिसके बाद उसे टोचन (खींचकर) दिल्ली तक पहुंचाया गया। घटना के बाद इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
इस मामले पर रोहतक में कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि यह परियोजना कांग्रेस सरकार के समय की है और वर्तमान सरकार केवल उसका उद्घाटन कर रही है। उन्होंने कहा कि “ये कांग्रेस के प्रोजेक्ट हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिर्फ फीता काट रहे हैं।” यह बयान दीपेंद्र हुड्डा का राजनीतिक पक्ष है।
दूसरी ओर, रेलवे या संबंधित अधिकारियों की ओर से तकनीकी खराबी के कारणों की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि ट्रेन में आई दिक्कत किस वजह से हुई और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए क्या सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही खराबी के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी।
हाइड्रोजन ट्रेन को पर्यावरण के अनुकूल और आधुनिक रेल परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना और पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम करना है। हालांकि, शुरुआती चरण में तकनीकी चुनौतियां सामने आने पर रेलवे विशेषज्ञ आवश्यक सुधार की दिशा में काम कर रहे हैं।
फिलहाल घटना को लेकर राजनीतिक और तकनीकी दोनों स्तरों पर चर्चा जारी है। रेलवे प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
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