फरीदाबाद की आगरा-गुरुग्राम नहर बनी ‘डेथ कॉरिडोर’, 4 साल में 50 से ज्यादा मौतों का दावा

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Faridabad News

हरियाणा के फरीदाबाद से गुजरने वाली आगरा-गुरुग्राम नहर एक बार फिर चर्चा में है। स्थानीय स्तर पर इसे ‘डेथ कॉरिडोर’ कहा जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, करीब 26 किलोमीटर लंबी इस नहर में पिछले चार वर्षों के दौरान 50 से अधिक लोगों की मौत होने का दावा किया जा रहा है। इन घटनाओं के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

बताया जा रहा है कि नहर के इस हिस्से पर करीब 16 पुल हैं, लेकिन कई स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम, मजबूत रेलिंग, चेतावनी बोर्ड और निगरानी व्यवस्था का अभाव है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरक्षा उपायों की कमी के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है।

क्षेत्र के नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से नहर किनारे मजबूत बैरिकेडिंग, पर्याप्त रोशनी, चेतावनी संकेतक, सीसीटीवी कैमरे और नियमित गश्त की व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाएं तो भविष्य में इस तरह की कई दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा संबंधी सुझावों और स्थानीय मांगों पर विचार किया जा रहा है। संबंधित विभाग नहर क्षेत्र की स्थिति का आकलन कर आवश्यक कदम उठाने की प्रक्रिया में हैं। हालांकि, सुरक्षा उपायों को लेकर अंतिम निर्णय विभागीय समीक्षा के बाद लिया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि जलाशयों और नहरों के आसपास सुरक्षा मानकों का पालन, चेतावनी संकेतों की स्थापना और जनजागरूकता अभियान ऐसे हादसों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। फिलहाल स्थानीय लोग नहर के संवेदनशील हिस्सों पर तत्काल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जाने की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में जान-माल के नुकसान को रोका जा सके।

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