हरियाणा के रोहतक में जिला पार्षद जयदेव को संसद कूच से पहले पुलिस ने हिरासत में ले लिया। जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई प्रस्तावित प्रदर्शन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की गई। पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद इस मामले ने राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया है।
हिरासत में लिए जाने के बाद जयदेव ने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि “यह तानाशाही है” और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वालों को रोका जा रहा है। यह जयदेव का सार्वजनिक बयान है।
पुलिस की ओर से फिलहाल यही कहा गया है कि सुरक्षा व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। संसद कूच और संभावित विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए कई स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाई गई है तथा संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है।
घटना के बाद विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। कुछ नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और सभी कदम नियमानुसार उठाए जा रहे हैं।
फिलहाल मामले को लेकर पुलिस और संबंधित पक्षों के बीच स्थिति पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचने की अपील की है। वहीं, जयदेव की हिरासत और आगे की कानूनी प्रक्रिया को लेकर संबंधित अधिकारियों की ओर से आवश्यक कार्रवाई जारी है।
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