सिरसा में बिजली टावर विवाद को लेकर किसान नेता भूपेंद्र को पुलिस द्वारा करीब 8 घंटे तक डिटेन किए जाने का आरोप है। रिहाई के बाद किसान संगठनों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।

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Sirsa News

सिरसा में बिजली टावर से जुड़े विवाद को लेकर किसान नेता भूपेंद्र के हिरासत में लिए जाने का मामला सामने आया है। किसान नेता के अनुसार, पुलिस ने उन्हें डिटेन किया और करीब 8 घंटे बाद छोड़ा। इस कार्रवाई के बाद किसान संगठनों में नाराजगी बढ़ गई है और आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

बताया जा रहा है कि मामला बिजली टावर लगाने से जुड़ा हुआ है। किसान पक्ष का आरोप है कि टावर और बिजली लाइन के काम को लेकर उनकी आपत्तियों को उचित तरीके से नहीं सुना जा रहा। इसी मुद्दे को लेकर किसान नेता और उनके समर्थक लगातार अपनी आवाज उठा रहे हैं।

किसान नेता भूपेंद्र ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर कई घंटे तक रखा। उनके मुताबिक, करीब 8 घंटे बाद उन्हें रिहा किया गया। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं को बातचीत के जरिए सुलझाने के बजाय प्रशासन की ओर से दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।

मामले के सामने आने के बाद किसान संगठनों ने भी नाराजगी जताई है। नेताओं का कहना है कि यदि बिजली टावर से जुड़े विवाद का समाधान बातचीत के जरिए नहीं किया गया और किसानों पर इसी तरह कार्रवाई जारी रही तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।

किसान पक्ष की मांग है कि बिजली टावर और लाइन से जुड़े मामलों में प्रभावित किसानों की बात सुनी जाए और उनकी सहमति व उचित प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए समाधान निकाला जाए। वहीं, पुलिस की ओर से हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई को लेकर आधिकारिक पक्ष का इंतजार है।

फिलहाल सिरसा में बिजली टावर विवाद को लेकर माहौल गर्म है। किसान नेता की हिरासत और उसके बाद रिहाई के मामले ने आंदोलन की संभावनाओं को फिर से बढ़ा दिया है। आने वाले दिनों में किसान संगठन क्या कदम उठाते हैं, इस पर सभी की नजर रहेगी।

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