संसद में हरियाणा से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। सदन में अपनी बात रखते हुए उन्होंने शिक्षा मंत्री को लेकर तंज कसा और कहा कि “शिक्षामंत्री तो झांकी, प्रधानमंत्री अभी बाकी।” हुड्डा ने अपने संबोधन में युवाओं के बीच उठ रहे विरोध और नारों का भी जिक्र किया।
दीपेंद्र हुड्डा के मुताबिक, युवाओं में सरकार की नीतियों को लेकर नाराजगी देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि युवा अपनी मांगों और समस्याओं को लेकर आवाज उठा रहे हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने युवाओं द्वारा लगाए गए नारे का उल्लेख करते हुए सरकार से इस्तीफे की मांग का जिक्र किया।
संसद में दिए गए बयान के दौरान हुड्डा ने युवाओं के रोजगार और भविष्य से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की कोशिश की। उनका कहना था कि देश के युवाओं को रोजगार और बेहतर अवसर चाहिए। उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि युवाओं की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
हुड्डा के बयान में शिक्षा मंत्री को लेकर किया गया तंज राजनीतिक रूप से भी चर्चा में आ गया। “शिक्षामंत्री तो झांकी, प्रधानमंत्री अभी बाकी” जैसी टिप्पणी के जरिए उन्होंने केंद्र सरकार के नेतृत्व पर सीधा निशाना साधा। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर प्रतिक्रिया आने की संभावना है।
कांग्रेस सांसद ने युवाओं के विरोध और उनके नारों का जिक्र करते हुए सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि युवाओं की समस्याओं का समाधान बातचीत और ठोस नीतियों के जरिए होना चाहिए। रोजगार से जुड़े मुद्दे लंबे समय से राजनीतिक बहस का हिस्सा रहे हैं और विपक्ष इन्हें लेकर केंद्र सरकार को घेरता रहा है।
संसद में हुड्डा का यह बयान ऐसे समय में आया है जब रोजगार, शिक्षा और युवाओं के भविष्य को लेकर राजनीतिक दलों के बीच लगातार बहस चल रही है। अब देखना होगा कि सरकार या भाजपा की ओर से इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।
फिलहाल दीपेंद्र हुड्डा की संसद में कही गई बातें सोशल मीडिया और राजनीतिक चर्चाओं में सुर्खियां बन रही हैं। उनके बयान में युवाओं के नारे और प्रधानमंत्री को लेकर की गई टिप्पणी सबसे ज्यादा चर्चा में है।
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