हरियाणा के कृषि क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हिसार स्थित चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) ने कृषि स्टार्टअप्स के लिए कोहोर्ट-8 कार्यक्रम के तहत आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस पहल के माध्यम से चयनित स्टार्टअप्स को अपने नवाचारों को विकसित करने और बाजार तक पहुंचाने के लिए अधिकतम 25 लाख रुपये तक का अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इस कार्यक्रम का उद्देश्य कृषि, बागवानी, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि तकनीक (Agri-Tech) और ग्रामीण नवाचार से जुड़े नए विचारों को प्रोत्साहित करना है। स्टार्टअप्स को केवल वित्तीय सहायता ही नहीं, बल्कि विशेषज्ञों का मार्गदर्शन, तकनीकी सहयोग, बिजनेस मेंटरशिप और उद्योग से जुड़ने का अवसर भी मिलेगा।
HAU के कुलपति ने कहा कि कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि इस तरह की पहल से युवा उद्यमियों को अपने विचारों को व्यावसायिक रूप देने में मदद मिलेगी और कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों का विकास होगा। इससे किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने में भी सहायता मिलने की उम्मीद है।
विश्वविद्यालय ने इच्छुक स्टार्टअप्स, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और युवा उद्यमियों से निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करने की अपील की है। चयनित प्रतिभागियों को विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में अपने उत्पाद या तकनीक को विकसित करने का अवसर मिलेगा। आवेदन प्रक्रिया और पात्रता संबंधी विस्तृत जानकारी विश्वविद्यालय द्वारा जारी आधिकारिक नोटिफिकेशन में उपलब्ध कराई गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की योजनाएं कृषि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा करने के साथ-साथ तकनीकी नवाचार को भी गति देंगी। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय लंबे समय से कृषि अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है।
इच्छुक उम्मीदवार समय रहते आवेदन कर इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद योग्य स्टार्टअप्स को अनुदान और अन्य सहयोग प्रदान किया जाएगा, जिससे वे अपने नवाचार को सफल व्यवसाय में बदल सकें।
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