हरियाणा के करीब 12 हजार गेस्ट टीचर्स को बड़ी राहत मिली है। गेस्ट टीचर्स से जुड़े मामले में हरियाणा सरकार द्वारा दायर लेटर्स पेटेंट अपील (LPA) के समाप्त होने के बाद नियमितीकरण की प्रक्रिया का रास्ता और साफ माना जा रहा है। इस घटनाक्रम के बाद प्रदेशभर के गेस्ट टीचर्स में खुशी का माहौल है।
गेस्ट टीचर्स एसोसिएशन का कहना है कि प्रदेश के हजारों शिक्षक पिछले करीब 20 वर्षों से शिक्षा विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। संगठन के पदाधिकारियों ने इसे लंबे संघर्ष की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि अब सरकार को नियमितीकरण की प्रक्रिया में तेजी लानी चाहिए।
एसोसिएशन के अनुसार, वर्षों से कार्यरत गेस्ट टीचर्स ने सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब सरकार न्यायालय की प्रक्रिया के अनुरूप जल्द आवश्यक निर्णय लेगी, जिससे लंबे समय से लंबित मांग पूरी हो सके।
उधर, शिक्षा विभाग और सरकार की ओर से मामले की कानूनी प्रक्रिया पर नजर रखी जा रही है। संबंधित आदेशों और न्यायिक प्रक्रिया के अनुरूप आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य के निर्णय नियमानुसार और उपलब्ध कानूनी प्रावधानों के आधार पर लिए जाएंगे।
गेस्ट टीचर्स ने सरकार से मांग की है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए नियमित नियुक्ति संबंधी प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए। उनका कहना है कि इससे शिक्षा व्यवस्था को भी स्थिरता मिलेगी और शिक्षकों में विश्वास बढ़ेगा।
फिलहाल LPA समाप्त होने के बाद मामले में अगली प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजर बनी हुई है। गेस्ट टीचर्स को उम्मीद है कि सरकार जल्द इस दिशा में सकारात्मक फैसला लेगी।
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