हरियाणा में कृषि विभाग के एक जॉइंट डायरेक्टर के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि सरकारी योजनाओं के तहत कागजों में बाग और वर्मी कंपोस्ट यूनिट स्थापित दिखाकर अनियमितताएं की गईं। जांच में कुल 82 मामलों में कथित गड़बड़ियों का उल्लेख किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला कई वर्ष पुराना है और प्रारंभिक जांच के बाद संबंधित अधिकारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है। आरोप है कि सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर दस्तावेजों में ऐसी परियोजनाएं दर्शाई गईं, जिनकी वास्तविक स्थिति पर सवाल उठाए गए हैं।
जांच एजेंसियों के अनुसार, दस्तावेजों, रिकॉर्ड और संबंधित फाइलों की पड़ताल के दौरान कई मामलों में कथित अनियमितताओं के संकेत मिले। इसके आधार पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि इन मामलों में अन्य अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका रही है या नहीं।
अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। संबंधित रिकॉर्ड, वित्तीय दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है। यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बताया जा रहा है कि जिन मामलों की जांच की जा रही है, वे लगभग 13 वर्ष पुराने हैं। जांच एजेंसियां उस समय की फाइलों और प्रशासनिक स्वीकृतियों की भी समीक्षा कर रही हैं ताकि पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सके।
फिलहाल एफआईआर दर्ज होने के बाद जांच आगे बढ़ रही है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगामी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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