हरियाणा में यमुना एक्शन प्लान को लेकर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) और कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) से जुड़े प्रोजेक्ट को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने पर जोर दिया है।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यमुना की सफाई और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़ी सभी परियोजनाओं को वर्ष 2027 तक पूरा किया जाए। इसके साथ ही अलग-अलग प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा करते हुए उनकी डेडलाइन भी तय की गई है।
बैठक में अधिकारियों से परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, निर्माण कार्य की गति और सामने आ रही अड़चनों की जानकारी ली गई। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि परियोजनाओं में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा।
यमुना में प्रदूषण कम करने के लिए सीवेज के उचित उपचार और औद्योगिक अपशिष्ट के प्रबंधन को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसी उद्देश्य से STP और CETP की क्षमता बढ़ाने तथा आवश्यक नए संयंत्र स्थापित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जाए और निर्धारित समयसीमा के अनुसार प्रगति रिपोर्ट तैयार की जाए। जहां भी जमीन, तकनीकी स्वीकृति, निर्माण या अन्य प्रशासनिक अड़चनें हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर करने को कहा गया है।
सरकार का उद्देश्य यमुना में बिना उपचारित सीवेज और औद्योगिक प्रदूषित पानी के प्रवाह को रोकना है। इसके लिए संबंधित विभागों को तय लक्ष्यों के अनुसार काम पूरा करने की जिम्मेदारी दी गई है।
मुख्य सचिव ने कहा कि यमुना एक्शन प्लान से जुड़े कार्यों को केवल कागजों तक सीमित न रखते हुए जमीन पर प्रभावी परिणाम सुनिश्चित किए जाएं। अब परियोजनाओं की प्रगति पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और तय डेडलाइन के अनुसार काम पूरा कराया जाएगा।
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