पंजाब की राजनीति में सुखबीर बादल की प्रधानमंत्री से मुलाकात को लेकर चर्चाएं तेज हैं। इस मुलाकात से पहले पंजाब में ग्राउंड स्तर पर सर्वे किए जाने और चंडीगढ़ में हरियाणा के मुख्यमंत्री के साथ कथित गुप्त बैठक की जानकारी सामने आई है। इसके बाद रात करीब 11 बजे हुई एक फोन कॉल ने राजनीतिक घटनाक्रम को और दिलचस्प बना दिया।
जानकारी के अनुसार, सुखबीर बादल की प्रधानमंत्री से मुलाकात अचानक नहीं हुई, बल्कि इसके पीछे कई स्तरों पर चल रही राजनीतिक गतिविधियों की भूमिका रही। पंजाब में मौजूदा राजनीतिक माहौल को समझने के लिए ग्राउंड सर्वे कराया गया। इसके जरिए जनता के रुझान और राजनीतिक परिस्थितियों का आकलन करने की कोशिश की गई।
इसी बीच चंडीगढ़ में हरियाणा के मुख्यमंत्री के साथ सुखबीर बादल की एक गोपनीय बैठक होने की चर्चा सामने आई। इस बैठक में किन मुद्दों पर बातचीत हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, पंजाब और हरियाणा की राजनीति से जुड़े कई विषयों को लेकर इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इसके बाद रात करीब 11 बजे सुखबीर बादल को फोन कॉल आने की बात सामने आई। अगले ही दिन सुबह बादल दिल्ली पहुंच गए और प्रधानमंत्री से उनकी मुलाकात हुई। घटनाक्रम के इस क्रम ने राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाओं को जन्म दिया है।
मुलाकात के दौरान किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसे लेकर भी राजनीतिक हलकों में कयास लगाए जा रहे हैं। पंजाब की राजनीति, अकाली दल की स्थिति और आगामी राजनीतिक रणनीति से जुड़े विषय बातचीत का हिस्सा रहे या नहीं, इसे लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
सुखबीर बादल की प्रधानमंत्री से मुलाकात ऐसे समय हुई है जब पंजाब में राजनीतिक समीकरणों को लेकर लगातार गतिविधियां जारी हैं। अकाली दल भी अपने संगठन और राजनीतिक रणनीति को लेकर सक्रिय है।
फिलहाल रात की फोन कॉल, चंडीगढ़ की कथित बैठक और अगले दिन दिल्ली में प्रधानमंत्री से मुलाकात के पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक चर्चाएं जारी हैं। आधिकारिक तौर पर मुलाकात में हुई बातचीत का पूरा विवरण सामने आने के बाद ही तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
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