गौमाता के संरक्षण के लिए हर व्यक्ति रोजाना एक रुपया निकाले: अरविंद शर्मा स्वतंत्रता दिवस पर जिला उपाध्यक्ष ने किया जनभागीदारी का आह्वान

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Cow Protection
सफीदों, (एस• के• मित्तल) : विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष अरविंद शर्मा ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लोगों से गौमाता के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिदिन एक रुपया अलग निकालने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार तिरंगा यात्रा और राष्ट्रभक्ति से जुड़े अभियानों के माध्यम से देशभर में लोगों में जागरूकता और एकजुटता देखने को मिल रही है, उसी प्रकार गौसंरक्षण के लिए भी व्यापक जनभागीदारी की आवश्यकता है। अरविंद शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर जिस प्रकार लोगों में राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूती मिली है, उसी तरह यदि गौमाता की रक्षा और संरक्षण के लिए भी देशवासियों से प्रतिदिन एक रुपया सहयोग करने की अपील की जाए तो बड़ी संख्या में लोग आगे आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे व्यक्तिगत प्रयास जब सामूहिक रूप लेते हैं तो बड़े से बड़ा कार्य भी संभव हो जाता है। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकारों से गौसंरक्षण के विषय पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया। शर्मा ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौमाता को विशेष सम्मान प्राप्त है और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार उनमें देवी-देवताओं का वास माना जाता है। इसके बावजूद वर्तमान समय में बड़ी संख्या में गोवंश सड़कों पर भटकता नजर आता है। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर बेसहारा गोवंश को भोजन, आश्रय और उपचार जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सरकार के साथ-साथ समाज की भी जिम्मेदारी बनती है कि वह गोसंरक्षण की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाए। अरविंद शर्मा ने कहा कि गोशालाओं को मजबूत करने, बेसहारा गोवंश के लिए पर्याप्त आश्रय उपलब्ध कराने तथा बीमार पशुओं के उपचार की बेहतर व्यवस्था करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि केवल सरकारी योजनाओं से ही गोसंरक्षण का लक्ष्य पूरा नहीं किया जा सकता, बल्कि इसमें समाज की भागीदारी भी बेहद जरूरी है। उन्होंने समाज के प्रबुद्ध नागरिकों से अपील की कि वे अपनी क्षमता के अनुसार गोसंरक्षण में सहयोग करें और आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन एक रुपया भी गौमाता के संरक्षण के लिए अलग रखे तो सामूहिक रूप से इससे बड़ा योगदान तैयार हो सकता है।

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