चंडीगढ़। हरियाणा के कथित बैंकिंग घोटाले की जांच में CBI ने जीरकपुर के एक विला में आयोजित पार्टियों और उन पर हुए खर्च का उल्लेख अपनी चार्जशीट में किया है। चार्जशीट के अनुसार, IDFC फर्स्ट बैंक के तत्कालीन ब्रांच मैनेजर रिभव ऋषि ने ‘जेड मनोर’ विला में कई पार्टियों की व्यवस्था की थी। एजेंसी ने इनमें IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल की मौजूदगी और भूमिका से जुड़े आरोप भी दर्ज किए हैं। अग्रवाल की ओर से इन आरोपों पर अदालत में बहस होना बाकी है।
चार्जशीट में दावा किया गया है कि दिल्ली से कलाकारों को बुलाने और पार्टियों के लिए नकदी तथा शराब का इंतजाम करने में कई लोग शामिल थे। जांच एजेंसी के अनुसार, कुछ पार्टियों में कलाकारों पर 15 से 20 लाख रुपए तक के नोट उड़ाए गए। एजेंसी ने 1 नवंबर और 9 नवंबर 2025, 13 दिसंबर 2025 तथा 16 जनवरी 2026 को आयोजित चार पार्टियों का जिक्र किया है। उसका दावा है कि कॉल रिकॉर्ड और लोकेशन डेटा से एक पार्टी के दौरान अग्रवाल की विला में मौजूदगी का संकेत मिलता है।
CBI ने गवाहों के बयानों के आधार पर दावा किया है कि पार्टियों की व्यवस्था को लेकर रिभव ऋषि और अग्रवाल के बीच बातचीत होती थी। चार्जशीट में जनवरी 2026 के एक होटल प्रवास और अक्टूबर 2025 में अग्रवाल की पत्नी के लिए आयोजित कार्यक्रम का खर्च भी रिभव द्वारा उठाए जाने का आरोप है। ये सभी बातें जांच एजेंसी के आरोप हैं; अदालत में इनका परीक्षण अभी बाकी है।
यह मामला हरियाणा सरकार के विभागों की रकम कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों और बैंकिंग लेनदेन के जरिए निकालने से जुड़ा है। CBI ने इस प्रकरण में 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। एजेंसी के मुताबिक, मामले में बैंक अधिकारियों, सरकारी कर्मचारियों, कंपनियों और निजी व्यक्तियों की भूमिका की जांच की गई है।
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