रोहतक में 15 अगस्त को सजेगा प्रदेश स्तरीय तीज महोत्सव हरियाणवी-राजस्थानी संस्कृति का दिखेगा रंग: महाबीर मित्तल

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Rohtak
सफीदों, (एस• के• मित्तल) : अग्रवाल वैश्य समाज हरियाणा की ओर से महिलाओं के लिए प्रदेश स्तरीय तीज महोत्सव का आयोजन आगामी 15 अगस्त को प्रातः 11 बजे जेड ग्लोबल स्कूल रोहतक के ऑप्टिमा परिसर में किया जाएगा। अग्रवाल वैश्य समाज हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष अशोक बुवानीवाला के दिशा-निर्देशन में महिला इकाई द्वारा आयोजित इस समारोह में हरियाणवी और राजस्थानी संस्कृति के रंग देखने को मिलेंगे। आयोजक संस्था के प्रदेश प्रचार सचिव महाबीर मित्तल ने बताया कि कार्यक्रम में हरियाणवी और राजस्थानी लोकगीतों, संगीत तथा नृत्य की रंगारंग प्रस्तुतियां मुख्य आकर्षण रहेंगी। प्रसिद्ध कलाकार बबीता जैन झांझरी अपनी गीत प्रस्तुतियों से समारोह में मौजूद महिलाओं का मनोरंजन करेंगी। इसके अलावा मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। सर्वश्रेष्ठ वेशभूषा प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि तीज महोत्सव का उद्देश्य केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि हरियाणा और राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा देना भी है। कार्यक्रम के निर्णायक मंडल में जिला अध्यक्ष कैथल अक्षरा गुप्ता, विधानसभा अध्यक्ष जींद मीनाक्षी सिंगला, विधानसभा अध्यक्ष तिगांव आशा मित्तल और विधानसभा अध्यक्ष तोशाम रेखा गर्ग शामिल रहेंगी। समारोह में संध्या जैन मुख्य अतिथि और मीनू बुवानीवाला उद्घाटनकर्ता होंगी। डॉ. चारू गुप्ता, प्राची गर्ग, राजरानी, सुधा अग्रवाल और मीर बंसल अति विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगी। स्वागत समिति में महिला प्रदेशाध्यक्ष सुशीला सर्राफ, महिला प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष वेणु अग्रवाल, महिला प्रदेश महासचिव पायल गोयल, अनीता तायल, महक जैन और बबीता गुप्ता रहेंगी। महाबीर मित्तल ने बताया कि अग्रवाल वैश्य समाज का उद्देश्य समाज की राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करना, समाज को एकजुट करना, नेतृत्व क्षमता विकसित करना और युवाओं व महिलाओं को नेतृत्व की मुख्यधारा से जोड़ना है। संगठन समाज के अधिकारों एवं हितों की रक्षा, राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने और शत-प्रतिशत मतदान के लिए भी कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी से संगठन को नई मजबूती मिलती है। तीज महोत्सव महिलाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने वैश्य समाज की महिलाओं से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में पहुंचने का आह्वान किया।

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